नई दिल्ली 06 Dec, (Rns): देश भर में जारी इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संकट और यात्रियों के भारी गुस्से के बीच अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मंत्रालय ने एयरलाइन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी प्रभावित यात्रियों के लंबित रिफंड हर हाल में 7 दिसंबर, रविवार की रात 8 बजे तक प्रोसेस कर दिए जाएं। सरकार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर यात्रियों का पैसा वापस नहीं किया गया, तो एयरलाइन के खिलाफ सीधा और सख्त रेगुलेटरी एक्शन लिया जाएगा।
मंत्रालय ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि जिन भी लोगों की उड़ानें रद्द हुई हैं या बाधित हुई हैं, उनसे टिकट बदलने पर किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग चार्ज नहीं वसूला जाएगा। संकट से निपटने के लिए इंडिगो को तत्काल प्रभाव से एक ‘स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड सेल’ गठित करने का आदेश दिया गया है। यह विशेष सेल केवल शिकायतों का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि खुद आगे बढ़कर प्रभावित यात्रियों से संपर्क साधेगा और उनकी री-बुकिंग, रिफंड या यात्रा की अन्य व्यवस्थाओं को सुगम बनाने का काम करेगा, ताकि यात्रियों को दर-दर न भटकना पड़े।
हवाई अड्डों पर सामान को लेकर हो रही अफरा-तफरी पर भी मंत्रालय ने कड़े निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, ‘मिसहैंडल्ड बैगेज’ यानी जो सामान यात्रियों तक नहीं पहुंच पाया है, उसे 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर तक पहुंचाना अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्रालय ने एयरलाइन प्रबंधन को साफ कर दिया है कि मौजूदा संकट के दौर में यात्रियों की सुविधा और परिचालन स्थिरता ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

