महाकुंभ 2025 के नक्शे कदम पर माघ मेला 2026
माघ मेले में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के साक्षी बनेंगे थीमेटिक पार्क
प्रयागराज,06 दिसंबर (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार त्रिवेणी के तट पर हर साल माघ के महीने में लगने वाले देश के सबसे बड़े धार्मिक समागम माघ मेले को नव्य , दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान कर रही है। इस आयोजन में पर्यटन के विस्तार और भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आगे ले जाने के लिए नव्य प्रयास किए जा रहे हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक प्रतीकों के साथ ज्ञान और मनोरंजन के संगम में इसकी अभिव्यक्ति होगी।
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में ‘संस्कृति ग्राम’ और ‘शिवालय पार्क’ जैसे थीम-आधारित संरचनाएं दुनिया भर से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण बने। महाकुंभ के इसी आकर्षण को आगे बढ़ाएंगे पहली बार माघ मेला 2026 में अस्थाई रूप स्थापित होने वाले थीमेटिक पार्क। मेला प्राधिकरण की तरफ से इन्हें स्थापित करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मेला क्षेत्र में 1,12,200 वर्ग फीट क्षेत्रफल में दो थीम पार्क और वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इसके लिए 85 लाख बेस प्राइस रखी गई । इसके अंतर्गत प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत स्थान पर माघ मेले में 100&100 वर्ग फीट में दो थीमेटिक पार्क का बनाए जाएंगे।माघ मेला अधिकारी और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज का कहना है कि माघ मेले और संगम की मुख्य थीम पर आधारित इन थीम पार्कों की अंतिम अवधारणा चयनित एजेंसी के साथ परामर्श के बाद तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना के लिए अनुरोध पत्र जारी कर दिया गया है।
थीमेटिक पार्क में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के बैठने का स्थान होगा। पार्क के निर्माण में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि इसके निर्माण से मेला क्षेत्र में पहले से स्थापित संरचना को कोई क्षति न पहुंचे।
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वेंडिंग जोन के लिए तय किए गए मानक
त्रिवेणी के तट 3 जनवरी से लगने जा रहे माघ मेला 2026 के लिए प्रशासन व्यापक स्तर पर तैयारियाँ कर रहा है । एक महीने से चलने वाले इस आयोजन में आने वाले करोड़ो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए वेंडिंग जोन की भी स्थापना हो रही है। इस वेंडिंग जोन में 120 दुकानों को स्थान मिलेगा। इसमें 5 दुकानें धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ी सामग्री या पुस्तकों के लिए आरक्षित होगी। जोन में हस्तशिल्प , कपड़े, गिफ्ट , गेम्स और फूड की दुकानें होंगी जिनका साइज 10 & 10 वर्ग फीट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लगने वाली मेला प्राधिकरण की तरफ से इसके लिए जो मानक और शर्ते तय की गई हैं उसमें इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि जोन में स्थापित दुकान में ऐसा कोई सामान नहीं विक्रय हेतु होना चाहिए जो धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला हो। दुकानों का लुक भी एस्थेटिक होना चाहिए।
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