बिलासपुर 11 दिसंबर 2025 (आरएनएस) राज्य की अरपा सहित तीन अन्य नदियों के संरक्षण के लिए उनके उद्गम स्थल को संवारने जिला कमेटी की घोषणा की है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हुई सुनवाई में अरपा नदी के उद्गम स्थल हेतु भूमि अधिग्रहण को लेकर शासन से स्टेटस रिपोर्ट मंगाई है, मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है। इससे पूर्व राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार ने कमेटी बनाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही यह तय किया कि प्रदेश की दस नदियों के संरक्षण और संर्वधन पर यह कमेटी काम करेगी। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इसके आदेश दिए थे। इसके साथ ही सभी नदियों और उनके उद्म स्थल को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने का भी आदेश दिया गया। दरअसल रिकार्ड में यह नदियां और उनके उद्गम स्थल फिलहाल नाले के रूप में दर्ज हैं। शासन द्वारा सोमवार को पेश जवाब में कहा गया कि सात नदियों अरपा, महानदी, हसदेव, तांदूला, पैरी, केलो, मांड के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कोरबा की लीलागर, पेण्ड्रा की सोनभद्र और तिपान नदी को भी संरक्षित करने निर्देशित किया था। बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में शासन की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्देश के परिपालन में गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सोन नदी एवं तिपान नदी के उद्गम स्थलों के लिए ईमानदारी से कोशिशें की जा रहीं हैं।इसी तरह कोरबा जिले में भी लीलागर नदी के संरक्षण के लिए भी उद्गम स्थल को पुनर्जीवित करने एक कमेटी बनाई गई है। इसके बारे में जल संसाधन सचिव ने शपथपत्र पेश किया है। इसमें बताया गया कि, कोरबा जिले में लीलागर और गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिले में सोन और तिपान नदियों के उद्गम और रिवाइवल के संबंध में, संबंधित कलेक्टरों को कमेटी या सब-कमेटियां बनाने का निर्देश दिया गया है और नदियों के उद्गम की पहचान और रिवाइवल के लिए सभी ईमानदारी से कोशिशें की जा रही हैं। कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के संबंधित कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में रेवेन्यू, पंचायत, फॉरेस्ट, माइनिंग, वॉटर रिसोर्स और म्युनिसिपल काउंसिल डिपार्टमेंट के अधिकारियों की सब-कमेटी बनाई है। ये सब 20 नवंबर 2025 और 21 नवम्बर 2025 के ऑर्डर के तहत इन नदियों के ओरिजिन की पहचान करने और उन्हें फिर से जिंदा करने का सुझाव देने के लिए हैं। कोर्ट ने शासन से अरपा उद्गम स्थल हेतु भूमि अधिग्रहण की स्टेटस रिपोर्ट मंगाई है।जिसमें इन सभी नदियों के उद्गम स्थल की पहचान कर नदियों के स्त्रोतो का पुनरूद्धार व पुनर्जीवित करने हेतु उपसमिति का गठन किया गया है।इसमेंकलेक्टर,जिला-गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही अध्यक्ष होंगे जबकि सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी, वनमंडल मरवाही, अपर कलेक्टर कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संमाग, मरवाही, कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग, पेण्ड्रारोड, जिला खनिज अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (रा.), पेण्ड्रारोड़, अनुविभागीय अधिकारी (रा.), मरवाही, सीएमओ नगर पालिका परिषद, गौरेला, सीएमओ नगर पालिका परिषद, पेण्ड्रा, सीएमओ नगर पंचायत, मरवाही को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
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