देहरादून,13 दिसंबर (आरएनएस)। आईटीएफए(इंडो तिब्बतन फ्रेडशिप एसोसिएशन) मैक्लोडगंज धर्मशाला द्वारा हिमाचल प्रदेश में आयोजित 29 वें हिमालयन फेस्टिवल में उत्तराखंड की ओर से गोर्खाली लोकनृत्यो की प्रस्तुतियां देने गए गुरांस सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकार शनिवार को दून लौटे। दून पहुंचने पर दल के कलाकारों को गोर्खाली सुधार सभा ने सम्मानित किया। सांस्कृतिक दल की अध्यक्ष प्रभा शाह ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आये हुए लोक कलाकारों ने अपने अपने लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर राज्य की कला को दर्शाया। यह फेस्टिवल तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा के नोबल पुरस्कार को समर्पित उत्तर भारत का एकमात्र आयोजन होता है। जिसमें तिब्बती समुदाय भी बढ़ चढ़ कर अपनी लोककला का प्रदर्शन करता है। गुरांस सांस्कृतिक कला केंद्र विगत चार वर्षों से लगातार इस आयोजन में शामिल होता आया है। दल के कलाकारों ने गोर्खाली लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर तालियां बटोरी। गोर्खाली सुधार अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने प्रभा शाह, रमा थापा, नंदिनी शर्मा, अनुष्का गुरूंग, पूनम थापा, आदित्य राना, कृष्णा लामा, सिद्धार्थ गुरूंग को प्रमाण पत्र प्रदान किए। मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री, उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा चंद, सचिव मधुसूदन शर्मा, कर्नल सीबी थापा, कै. आरएस. थापा, कै. वाईबी थापा मौजूद रहे।
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