देहरादून 17 दिसंबर (आरएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में गांधी पार्क में बनी महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। बुधवार को आयोजित प्रदर्शन में सभी ने भाजपा के इस निर्णय से रोष जताया है। डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि आज देश में द्वेष की राजनीति चल रही है बदले की राजनीति चल रही है, इतिहास को बदलने की राजनीति चल रही है, कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में मनरेगा कानून आया था। यूपीए सरकार ने 2005 में ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को लागू किया था और 2009 में इसके नाम में महात्मा गांधी जोड़ा गया। यह दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना है, जो ग्रामीण गरीबी कम करने, स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण रही है। प्रदेश महासचिव गोदावरी थापली ने कहा कि पिछले 20 सालों से मनरेगा ग्रामीण रोजगार की रीढ़ रही है। इसके जरिए साल में 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी, जिसके चलते गांव में ही लोगों को काम मिल रहा था। अब मोदी सरकार मनरेगा का नाम ही नहीं बदलने जा रही है, बल्कि कई अन्य बदलाव भी किए हैं, एस सी, एस टी, ओबीसी और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रावधान को भी खत्म करने का कार्य भाजपा कर रही है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, उपेंद्र थापली, प्रदेश महासचिव मनीष नागपाल, सुनीता प्रकाश, पार्षद शुष्यंत वोहरा, वीरेंद्र बिष्ट, अर्जुन पासी, मुकिम अहमद भूरा ,प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, नीनू सहगल, एस सी विभाग अध्यक्ष मदन लाल, पूनम कंडारी, मोहन काला, सुनीता प्रकाश, सुलेमान अली, सावित्री थापा, मंजू , करण घगट,सूरज छेत्री, प्रवीण कश्यप, सुनील जैसवाल, शिवांश जायसवाल, जमाल, ललित बद्री, वीरेंद्र पंवार, सुलेमान, सावित्री थापा, सुनील थपलियाल, अमनदीप आदि उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

