0 बंद होने के कगार पर धान खरीदी
रायपुर,18 दिसम्बर (आरएनएस)। प्रदेश में चल रही धान खरीदी में अब तक 44.33 लाख टन की खरीदी हो चुकी है। खरीदी केंद्रों से परिवहन नहीें होने के कारण बफर लिमिट से अधिक हो गया है। आने वाले दिनों में धान का उठाव न होने से आगे खरीदी बंद होने की संभावना है। बताया जाता है कि मिलरों ने धान के उठाव से हाथ खड़े कर दिए है। वहीं दूसरी ओर मिलरों भी धान उठाने से कतरा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए शाखा प्रबंधकों ने मार्कफ ेड को पत्र लिखकर उठाव की मांग करते हुए धान खरीदी बंद होने की आशंकाओं से अवगत करा दिया है।
प्रदेश के 2739 खरीदी केंद्रों में चल रही प्रक्रिया के बीच उछाव न होने से लगभग 12 सौ से अधिक समितियों में बफ र स्टॉक है। कई जिलों में डीएमओ के द्वारा डीओ लेटर जारी नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है।
यहां पर स्थिति खराब
देवभोग के 10 और गोहरापदर ब्रांच के 17 समेत कुल 27 खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से ढाई गुना ज्यादा धान खरीदी हो गई। धान उठाव के लिए जिला विपणन अधिकारी को भेजे गए मांग पत्र के मुताबिक देवभोग के 10 खरीदी केंद्र में खरीदी की बफर लिमिट 1 लाख 2000 तय थी, पर यहां 2 लाख 41546 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसी तरह गोहरापदर ब्रांच के 17 खरीदी केंद्र की बफर लिमिट 1 लाख 69200 क्विंटल की है, लेकिन यहां 3 लाख 45214 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है. केंद्रों में अब रखरखाव की समस्या आ रही है।
रख-रखाव में समस्या
देवभोग केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी कुंज बिहारी बेहरा ने कहा कि तय लिमिट से कई गुना ज्यादा खरीदी होने से धान की रख-रखाव में समस्या आ रही है। खरीदी सुचारु रूप से चलता रहे उसके लिए उठाव की नितान्त आवश्यकता है। इस हफ्ते उठाव नहीं हुआ तो आने वाले सप्ताह से कई केंद्रों में खरीदी बंद करने की नौबत आ जाएगी।
एसएस

