दल्ली राजहरा,18 दिसम्बर (आरएनएस)।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा व्यापारियों के विरुद्ध लागू की गई नई ट्रेड लाइसेंस नीति का छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स दल्लीराजहरा इकाई के महामंत्री भूपेंद्र डहरवाल ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस नीति को व्यापारियों के साथ सीधा छलावा करार देते हुए कहा कि व्यापारी पहले से ही शासन की नीति के अनुसार अपनी दुकानों का संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) नियमित रूप से अदा कर रहे हैं। ऐसे में अब उसी दुकान पर स्क्वायर फीट के आधार पर पुन: ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेना पूरी तरह अनुचित और अव्यवहारिक है। डहरवाल ने कहा कि यह निर्णय व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ डालने वाला है, जो किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है। वर्तमान समय में छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक मंदी की मार झेल रहे हैं, वहीं ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव से परंपरागत व्यापार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। ऐसे कठिन दौर में सरकार को व्यापारियों को राहत देने की आवश्यकता है, न कि उन पर नए-नए शुल्क और कर थोपकर उन्हें और संकट में डालने की।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यापारी वर्ग सरकार के साथ सहयोग करने को सदैव तत्पर रहता है, किंतु अपने स्वाभिमान की कीमत पर किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। भूपेंद्र डहरवाल ने प्रदेश, जिला एवं स्थानीय स्तर पर कार्यरत सभी व्यापारिक संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर इस अव्यावहारिक और व्यापार विरोधी नीति के खिलाफ आवाज बुलंद करें,साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी विधायकों, सांसदों एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रियों से भी आग्रह किया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस काले कानून को तत्काल वापस लिया जाए, ताकि प्रदेश का व्यापारी वर्ग राहत की सांस ले सके और व्यापार को पुन: गति मिल सके।
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