सक्ति, 19 दिसंबर (आरएनएस)। जैजैपुर ब्लॉक के बोड़सरा गांव में सड़क निर्माण के बदले मुआवजा न मिलने से एक किसान परिवार पिछले छह वर्षों से परेशान है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की ओर से जैजैपुर से गोबराभांठा मार्ग पर सड़क निर्माण किया गया, जिसमें किसान बहरता यादव की जमीन अधिग्रहित की गई। लेकिन आज तक उन्हें उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिल सका।
बोड़सरा गांव के खसरा नंबर 334/3 और 358/2 की कुल 7 डिसमिल जमीन सड़क निर्माण में चली गई। मुआवजे की मांग को लेकर पीडि़त परिवार ने तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय तक कई बार गुहार लगाई। कलेक्टर द्वारा गंभीरता दिखाते हुए एडीबी प्रबंधन को पत्र भी लिखा गया, लेकिन प्रबंधन ने मामले की जानकारी से इनकार कर दिया।
मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित होकर आज पीडि़त परिवार ने जैजैपुर–मालखरौदा मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही तहसीलदार और थाना प्रभारी जैजैपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
परिजनों का कहना है कि जब जिला कलेक्टर की बात नहीं सुनी जा रही है तो आम किसान की कौन सुनेगा। एडीबी विभाग और सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार की लापरवाही के चलते एक किसान को अपनी जमीन गंवाने के बाद भी मुआवजे के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
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