-घटना के बाद शाहनवाज पहचान बदलकर अरब के अबू धाबी में जा छिपा
कोलकाता 21 दिसंबर (आरएनएस)। मटियाबुर्ज संलग्न गार्डेनरीच थाना इलाका के फतेहपुर के संलग्न विलेज रोड अजहर मोल्ला बागान तब वर्ष 2024 के 17 मार्च को देश भर की मीडिया के नजरों में आ गया था जब यहां एक निर्माणाधीन इमारत ताश की पत्तों की तरह धराशायी हो गई। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। जी ड्ढहां, उक्त घटना में प्रमोटर मो. वसीम की गिरफ्तारी तो हो चुकी थी लेकिन मुख्य आरोपी शाहनवाज अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। अधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि, इस घटना के 88 दिन बाद पेश की गई चार्जशीट में जमीन के मालिक और प्रमोटर समेत कुल छह लोगों पर आरोप लगाया गया था। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया गया था, लेकिन ट्रायल प्रभावित हुआ क्योंकि मुख्य आरोपी मो. शाहनवाज अभी भी फरार है। कहा जा रहा है कि शाहनवाज विदेश भाग गया गया है। हालांकि उसके खिलाफ ‘लुकआउट नोटिसÓ जारी किया गया था, लेकिन पुलिस उसे लंबे समय से गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बहरहाल जांचकर्ताओं को फरार आरोपी के बारे में कई अहम जानकारी मिली है। वैसे कोलकाता पुलिस सूत्रों का दावा है कि शाहनवाज गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर अरब अमीरात में छिप गया है। लालबाजार पुलिस मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, वह अभी अपना नाम और पहचान बदलकर अबू धाबी में छिपा हुआ है। ऐसे में भारत सरकार की व्यवस्था के कान खड़े हो गए है और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि, मो. शहनवाज के खिलाफ अब ‘येलो कॉर्नरÓ नोटिस जारी की गई है। बताया जा रहा है कि उक्त घटना के बाद से मुख्य आरोपी व जमीन का कथित मूल मालिक मो. शहनवाज कोलकाता के तमाम जगहों पर जाकर शरण लेता रहा। लेकिन जब उसने देख लिया कि, घटना पर स्वंय सीएम ममता बनर्जी की नजर है तो वह अपने कुछ चुनिंदा लोगों की मदद से इस देश से बाहर भाग गया। फिलहाल आरोपी वहां एक निर्माण संस्थान में काम कर रहा है। पुलिस ने बताया कि शाहनवाज के खिलाफ इंटरपोल के जरिए ‘येलो कॉर्नर नोटिसÓ जारी किया जा चुका है। भारत पोर्टल के जरिए इंटरनेशनल लेवल पर उसके ठिकाने के बारे में डिटेल्ड जानकारी शेयर करने की कोशिश की गई है, ताकि उसके ठिकाने का जल्दी पता चल सके। बहरहाल बता दे कि, रेड कॉर्नर नोटिस गिरफ्तारी के लिए किसी आपराधिक मामले में वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार करने और उसके प्रत्यर्पण या कानूनी कार्रवाई के लिए अस्थायी रूप से हिरासत में लेने के लिए जारी किया जाता है। यह दुनिया के किसी भी देश की जांच एजेंसी के लिए अलर्ट का काम करता है। यलो कॉर्नर नोटिस लापता व्यक्ति के लिए लापता व्यक्तियों, खासकर नाबालिगों को ढूंढऩे या ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जारी किया जाता है जो खुद की पहचान बताने में असमर्थ हैं या नहीं बता रहा हो। इसे वैश्विक पुलिस चेतावनी माना जाता है। लुकआउट सर्कुलर अक्सर तब जारी किए जाते हैं जब किसी व्यक्ति पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह होता है, उससे पूछताछ की जानी होती है, या कानूनी मामले सुलझने तक उसे देश छोडऩे से रोकना आवश्यक होता है। खैर जो भी हो बता दे कि, 2024 में, इंटरपोल ने विभिन्न मामलों में 3,345 येलो नोटिस जारी किए।

