ऋषिकेश,21 दिसंबर (आरएनएस)। कमेठ में सुशीला भंडारी पर हमला करने वाले भालू की तलाश के लिए 14 वनकर्मियों की टीम थानो रेंज के जंगल की खाक छान रही है। ड्रोन कैमरे से भी भालू की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बावजूद, चार दिन बाद भी भालू का सुराग नहीं लग सका है। इससे न सिर्फ कमेठ, बल्कि आसपास के गांवों में भी दशहत का माहौल है। फिलहाल ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वनकर्मियों की टीम के साथ ही छह ग्राम प्रहरी भी तैनात कर दिए गए हैं। सात सौर ऊर्जा लाइटें भी संवेदनशील स्थानों पर वन विभाग ने लगाई है। भालू को पकडऩे के लिए पिंजरे भी गांव के आसपास लगा दिए गए हैं। स्थिति यह है कि ग्राम प्रहरियों की निगरानी में ही कमेठ के बच्चों को इठारना में स्कूल तक पहुंचाया जा रहा है। भालू की दशहत में ग्रामीण दिन में खेतों में कामकाज से भी कतरा रहे हैं। दिन ढलने के बाद वह घरों में कैद होने को मजबूर हैं। हैरानी है कि वनकर्मियों की हथियारों से लैस टीम और ड्रोन कैमरे से निगरानी के बाद भी भालू नहीं मिल सका है, जिससे ग्रामीणों में खौफ और ज्यादा बढ़ गया है।
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