कोलकाता 21 दिसंबर (आरएनएस)। वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट के जारी हुए लगभग तीन दिन बीते हैं। वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन प्रोग्राम की सुनवाई का दौर 23 दिसंबर से पूरे राज्य में शुरू होने जा रहा है। जिन लोगों के नाम पर सवाल उठे हैं या जिन्हें नोटिस मिले हैं, उन्हें अपने डॉक्यूमेंट्स के साथ पेश होकर खुद को वैलिड भारतीय वोटर साबित करना होगा। नेशनल इलेक्शन कमीशन के नियमों के मुताबिक, वोटिंग राइट्स के सबूत के तौर पर माने जाने वाले 13 डॉक्यूमेंट्स या सर्टिफिकेट्स में से एक हाउस अलॉटमेंट सर्टिफिकेट या ‘हाउस अलॉटमेंट सर्टिफिकेटÓ भी है, जो वोटिंग राइट्स के सबूत के तौर पर माने जाने वाले 13 डॉक्यूमेंट्स या सर्टिफिकेट्स में से एक है। वोटर लिस्ट की सुनवाई से पहले राज्य सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए यह सर्टिफिकेट पाने का प्रोसेस बहुत आसान कर दिया है। अब से यह सर्टिफिकेट एक क्लिक पर डाउनलोड किया जा सकेगा, बिना सरकारी ऑफिस का चक्कर लगाये ही यह काम हो सकेगा। राज्य पंचायत ऑफिस के सूत्रों के मुताबिक, यह खास टेक्नोलॉजिकल पहल इसलिए की गई है ताकि सुनवाई के दौरान डॉक्यूमेंट्स जमा करने में आम लोगों को परेशानी न हो। शुक्रवार को पंचायत ऑफिस की अपनी वेबसाइट (श्चह्म्स्र.2ड्ढ.द्दश1.द्बठ्ठ) पर एक खास ‘लिंकÓ लॉन्च किया गया। एक बार जब कंज्यूमर अपने फोन नंबर से रजिस्टर कर लेंगे, तो ओटीपी के ज़रिए वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा हो जाएगा। उसके बाद, नाम और पते का मिलान करके तुरंत रेजिडेंस सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकेगा।
नवान्न इस डिजिटल सर्टिफिकेट की क्रेडिबिलिटी पर भी कड़ी नजर रख रहा है ताकि इलेक्शन कमीशन के अधिकारियों को कोई सवाल न हो। एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों का दावा है कि इस सर्टिफिकेट में एक खास ‘क्यू आर कोडÓ है। सुनवाई के दौरान, संबंधित इआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) या इआरओएस उस कोड को स्कैन करके सरकारी डेटाबेस से मैच कर पाएंगे। नतीजतन, यह दावा किया जा रहा है कि इस सर्टिफिकेट की न केवल जालसाजी करना नामुमकिन है, बल्कि अधिकारियों के पास इसे ‘वैध नहींÓ बताकर कैंसल करने का कोई मौका भी नहीं होगा। इस बारे में राज्य के पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा, हमारी सरकार ने यह पहल इसलिए की है ताकि कंज्यूमर्स को यह सर्टिफिकेट लेने में कोई दिक्कत न हो। यह सर्टिफिकेट सुनवाई के दौरान बहुत अहम भूमिका निभाएगा। एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, अभी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग सेंट्रल और स्टेट प्रोजेक्ट्स से हाउसिंग ग्रांट पाने वाले कंज्यूमर्स की संख्या करीब 74 लाख है। यह पोर्टल बड़ी संख्या में लोगों को अपना वोटिंग अधिकार साबित करने में आसानी के लिए तुरंत लॉन्च किया गया है। इसमें से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 34 लाख और 2016 से पहले इंदिरा आवास योजना के 11 लाख लाभार्थियों को भी यह सुविधा मिलेगी।
खास बात यह है कि ‘बांग्लार बाड़ीÓ प्रोजेक्ट के 12 लाख लाभार्थी, जिसे राज्य ने केंद्र से ग्रांट बंद होने के बाद अपने फंड से शुरू किया है, वे भी इस पोर्टल से सीधे सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे। नवान्न के एक बड़े अधिकारी ने बताया, जनवरी के पहले हफ्ते में ‘बांग्लार बाड़ीÓ प्रोजेक्ट के 16 लाख और लाभार्थियों के अकाउंट में घर बनाने के लिए पैसे की पहली किस्त आनी शुरू हो जाएगी। पैसे मिलने के बाद उन्हें भी यह सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, राज्य के अपने खर्च पर चल रहे ‘चा सुंदरी एक्सटेंशनÓ प्रोजेक्ट के 21 हजार लाभार्थी भी इस डिजिटल सुविधा के तहत आ रहे हैं।
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