0 प्रबंधकों को दिए अहम निर्देश
धमतरी, 23 दिसंबर (आरएनएस)। जिले में लगातार बढ़ रहे सायबर फ्रॉड और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए धमतरी पुलिस ने सशक्त पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर धमतरी पुलिस द्वारा बैंकों के साथ एक विशेष जागरूकता एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सायबर अपराधों की रोकथाम को लेकर ठोस रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मणिशंकर चन्द्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक चतुर्वेदी ने किया। बैठक में जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, निजी एवं सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों को वर्तमान में प्रचलित और नए प्रकार के सायबर अपराधों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक के दौरान फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी मोबाइल एप, सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी, ओटीपी और बैंक जानकारी हासिल कर ठगी जैसे मामलों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने इन अपराधों से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया। पुलिस ने बैंकों को निर्देशित किया कि बैंक में आने वाले प्रत्येक आगंतुक का नाम, पहचान और उद्देश्य रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके। साथ ही किसी भी खाते में असामान्य या संदिग्ध लेन-देन पाए जाने पर तत्काल पुलिस और सायबर सेल को सूचना देना अनिवार्य बताया गया। बैठक में म्यूल अकाउंट्स पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। ऐसे खाते जो सायबर अपराधों में इस्तेमाल होते हैं, उनकी पहचान कर तुरंत पुलिस को जानकारी देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा जन-धन खातों के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई और इन खातों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों को ग्राहकों के निजी और वित्तीय डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और गोपनीयता मानकों का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को सायबर सुरक्षा के प्रति नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को कहा गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सायबर ठगी के मामलों में समय पर सूचना सबसे अहम होती है। पीडि़त द्वारा तुरंत सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या नजदीकी थाना एवं सायबर सेल से संपर्क करने पर ठगी की राशि को होल्ड या रिकवर किए जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और सीएसपी ने बैंक अधिकारियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी खाते या असामान्य लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि सायबर अपराधियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। धमतरी पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस, बैंक और आम नागरिकों के आपसी समन्वय और साझा जिम्मेदारी से ही सायबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य जिले में वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना और नागरिकों में सुरक्षा व विश्वास की भावना को बढ़ाना है। धमतरी पुलिस भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रखेगी।
0

