कोलकाता 24 दिसंबर (आरएनएस)। बांग्लादेश में दीपू दास नाम के एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हालात और बिगड़ गए हैं। उनके भाई उमर हादी ने सीधे तौर पर यूनुस सरकार पर चुनाव रद्द कराने के लिए हत्या कराने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद भारत के लोगों में आक्रोश बढ़ा और कई राज्यों में बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और रैलियां निकाली गई। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में हिंदूवादी संगठन के लोगों और साधु संतों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पश्चिम बंगाल की पुलिस और प्रदर्शनकारियों में संघर्ष हो गया। पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए बल प्रयोग किया। इस घटना के बाद बवाल खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के विवादित नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग करने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधी तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाया और कहा कि वह बांग्लादेशियों का समर्थन कर रही हैं। गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बीते मंगलवार (23 दिसंबर) को बंगाल में ममता सरकार ने जिस तरह साधुओं, संतों और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, उससे ऐसा लगा जैसे हम बंगाल में नहीं, बल्कि बांग्लादेश में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, उसे लेकर पश्चिम बंगाल में साधु-संतों ने विरोध-प्रदर्शन किया. गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी सरकार पर साधुओं को पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा कि हम बंगाल भारत में नहीं, बल्कि बांग्लादेश में विरोध कर रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता सरकार मुस्लिम वोट पाने के लिए बांग्लादेशियों का समर्थन कर रही है। गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक उग्र भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में दीपू दास नाम के एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला। इस घटना के बाद भारत के लोगों में आक्रोश है। वहीं, पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के खिलाफ हुए प्रदर्शन में लाठीचार्ज की घटना के बाद ममता सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। इधर बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपु दास को जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के विरोध में बुधवार को कूचबिहार के चेंगराबांधा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी जनआक्रोश देखने को मिला। सचेतन हिंदू समाज के आह्वान पर निकाले गए विरोध मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नया हनुमान मंदिर से शुरू हुआ मार्च एशियन हाईवे होते हुए इमिग्रेशन जीरो प्वाइंट तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और कट्टरपंथियों के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही मोहम्मद यूनुस का पुतला और बांग्लादेश का झंडा जलाया। प्रदर्शन में नेताओं ने दीपु दास की हत्या के दोषियों को सख्त सजा देने और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार रोकने की मांग की। वहीं, सीमा पार से आए कुछ बांग्लादेशी हिंदू नागरिकों ने भी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद भयावह है। इसी मुद्दे पर बुधवार शाम को चौरंगी इलाके में भी एक और विरोध मार्च निकाला गया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से भारत के सीमा क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।


















