ऋषिकेश 24 दिसंबर (आरएनएस)। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास-विकास की ओर से बुधवार को गुमानीवाला स्थित राजश्री चिल्ड्रन एकेडमी में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नारी शक्ति की गरिमा, समाज में उनकी भूमिका तथा शिक्षा और संस्कारों में उनके योगदान पर विचार प्रस्तुत किए गए। मुख्य वक्ता समाजसेविका डॉ. सविता गुसाईं ने नारी की शक्ति, साहित्य और संस्कृति में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी समाज की आधारशिला है, जिसके संस्कारों से राष्ट्र सशक्त बनता है। वक्ता मनीषा गौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में नारी को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं संस्कारवान बनाना अत्यंत आवश्यक है। ताकि वह परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभा सके। कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेविका डॉ. नीरजा गोयल ने कहा कि नारी के भीतर असीम शक्ति निहित है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने और सही दिशा देने की है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम संयोजक यशोदा भारद्वाज ने कहा कि सप्तशक्तित संगम जैसे कार्यक्रम नारी चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान समाज में अपना उत्कृष्ट योगदान दे रही मातृ शक्ति को भी सम्मानित किया गया। मौके पर मंजू सेमवाल, पूजा मठियाल, मनीषा रावत, प्रियंका नेगी, एकादशी उनियाल, लक्ष्मी चौहान, आरती बडोनी, मीनाक्षी उनियाल, राजनी गर्ग, नेहा मालयान, मनोरमा शर्मा, रश्मि गुसाई, संगीता जोशी, राजश्री विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेन्द्र प्रसाद सेमवाल, निदेशक राजेन्द्र प्रसाद पांडेय आदि उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

