हल्द्वानी,26 दिसंबर (आरएनएस)। श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय छात्र संभाषण संवर्धन वर्ग का समापन हो गया है। छात्र सचिन शर्मा, विनय पांडे, विनय पाठक, कार्तिक जोशी ने संस्कृत में अपने अनुभव साझा किए। संस्कृत साधिका जानकी त्रिपाठी ने कहा कि भाषा निरंतर संभाषण से ही वाणी में स्थायी रूप से स्थापित हो सकती है। काशी से आए आलोक राजपूत ने कहा कि प्रतिदिन कुछ समय संस्कृत में व्यवहार करें। प्रधानाचार्य मनोज कुमार पांडे ने कहा कि संस्कृत केवल देवभाषा ही नहीं, वर्तमान में जनभाषा के रूप में भी प्रचलित है। डॉ. मोहित जोशी आदि मौजूद रहे।
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