नईदिल्ली,27 दिसंबर। नीदरलैंड में टाटा स्टील की दो कंपनियों के खिलाफ बड़ा मुकदमा दर्ज हुआ है। एक सामाजिक संगठन ने पर्यावरण और लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए करीब 1.4 अरब यूरो (लगभग 150 अरब रुपये) का मुआवजा मांगा है। टाटा स्टील ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मुकदमा उसकी डच इकाइयों के खिलाफ है। यह मामला वहां के एक स्टील प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों से जुड़ा हुआ है।
शिकायत करने वाले संगठन का कहना है कि स्टील प्लांट से निकलने वाला धुआं और गंदगी आसपास रहने वाले लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। उनका दावा है कि इस वजह से लोगों को अलग-अलग बीमारियां हो रही हैं और रोजमर्रा के जीवन की गुणवत्ता भी लगातार घट रही है। संगठन ने यह भी कहा कि इलाके में घरों की कीमतें कम हो गई हैं और लोग वहां रहने से डर रहे हैं।
टाटा स्टील ने कहा है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और यह बातें बेबुनियाद हैं। कंपनी का कहना है कि शिकायत करने वाले संगठन ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस या भरोसेमंद सबूत नहीं दिया है। टाटा स्टील ने भरोसा जताया कि वह इस केस में कानून के तहत अपना मजबूत बचाव करेगी। कंपनी ने यह भी कहा कि वह पर्यावरण और लोगों की सेहत को लेकर अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रही है।
यह केस नीदरलैंड के सामूहिक दावों से जुड़े कानून के तहत चलेगा, जिसमें अंतिम फैसला आने में कई साल लग सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी इस मामले का कंपनी के शेयर पर ज्यादा असर नहीं दिखा है और बाजार फिलहाल शांत है। टाटा स्टील ने बताया कि वह प्रदूषण कम करने के लिए हरित स्टील योजना पर काम कर रही है और सरकार के साथ मिलकर सुधार की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
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