सीएम ने केन्द्रीय गृहमंत्री से पूछे ताबड़तोड़ सवाल
जगदीश यादव
बांकुड़ा/कोलकाता 30 दिसंबर (आरएनएस)। एसआईआर में बुजुर्गों को भी सुनवाई से रिहाई नहीं मिल रही है। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए एसआईआर किया जा रहा है। उक्त आरोप आज बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांकुड़ा के बडज़ोड़ में आयोजित जनसभा में लगाया। केन्द्र सरकार पह हमलावर होते हुए सीएम ममता बनर्जी ने उस वक्त केन्द्रीय गृहमंत्री से सवाल किया जब अमित शाह बंगाल दौरे पर हैं। ममता बनर्जी ने सवाल करते हुए कहा कि अगर घुसपैठ की समस्या सिर्फ बंगाल में है, तो फिर देश के दूसरे हिस्सों में हुई घटनाओं का क्या जवाब है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, क्या घुसपैठिए सिर्फ बंगाल में ही हैं? क्या कश्मीर में कोई नहीं है? अगर बंगाल में ही घुसपैठिए थे, तो फिर पहलगाम में हमला क्यों हुआ? दिल्ली में हाल ही में जो घटनाएं हुईं, क्या वहां कोई घुसपैठिया नहीं था। सीएम ममता ने अमित शाह को ‘दुर्योधनÓ और ‘दुशासनÓ करार देते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव आते हैं, दुर्योधन-दुशासन बंगाल आ धमकते हैं। सीएम ने कहा कि, जिनलोगों की एसआईआर की वजह से मौत हुई है। उनका हर जिले में ‘शहीद स्मारकÓ बनाए जाएंगे, जिनमें 57 लोगों के नाम अंकित होंगे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन के नाम पर आम लोगों को डराया और परेशान किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने अमित शाह के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, राज्य में आकर कहते हैं कि ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी। अगर जमीन नहीं दी होती तो तारकेश्वर-बिष्णुपुर लाइन कैसे बनी? ईसीएल की कोयला परियोजनाओं के लिए जमीन कहां से आई? भारत-बांग्लादेश सीमा पर बनगांव, पेट्रापोल, घोजाडांगा, चांगड़ाबांधा—इन सब जगह जमीन किसने दी? उन्होंने अंडाल एयरपोर्ट और पानागढ़ का भी उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विकास के लिए पर्याप्त जमीन दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, घुसपैठ के मुद्दे को लेकर बीजेपी राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल को बार-बार निशाना बनाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए साफ है कि घुसपैठ, एसआईआर जैसे मुद्दे इस बार बंगाल की राजनीति में लाइमलाइट में रहने वाली हैं। उन्होंने कहा, अगर एक भी असली वोटर का नाम हटाया गया तो तृणमूल दिल्ली में इलेक्शन कमीशन के ऑफिस का घेराव करेगी। बनर्जी ने कहा कि राज्य के लोग इस तरह की हैरेसमेंट बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया, लोग बीजेपी को पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं आने देंगे। बनर्जी ने कहा कि बीजेपी चुनाव आने पर ‘सोनार बांग्लाÓ बनाने का वादा करती है, लेकिन असल में, जिन राज्यों में उसकी सरकार है, वहां बंगाली बोलने वाले लोगों को पीटा जाता है।एसआईआर सुनवाई के नोटिस के बाद तनाव में रहे पुरुलिया के दुर्जन माझी (82) की मौत का जिक्र करते हुए ममता ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। मृतक के परिवार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अमित शाह के उस बयान पर भी सीएम ममता ने पलटवार किया, जिसमें उन्होंने 2026 में दो-तिहाई बहुमत से बंगाल में भाजपा सरकार बनाने का दावा किया था। ममता ने कहा कि यू मस्ट रिजाइन। देश के गृह मंत्री, आपको इस्तीफा देना चाहिए। पहले कहते थे ‘अबकी बार 200 पारÓ, अब बंगाल में दो-तिहाई की बात कर रहे हैं। मैं कहती हूं, लोकतांत्रिक तरीके से आपको देश से बाहर किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया में 50 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने नाम लिए बिना चुनाव आयोग की आईटी अधिकारी सीमा खन्ना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठकर भाजपा के लोग एआई और आईटी सिस्टम के जरिए नाम हटवा रहे हैं। संशोधित वक्फ कानून को लेकर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ कहा कि हमारे रहते हुए वक्फ संपत्ति नहीं छीनी जाएगी। किसी भी धर्मस्थल वह चाहे मंदिर, मस्जिद या गिरजाघर हो किसी को छूने नहीं दिया जाएगा। मैं धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करती। किसी ने इन धार्मिक स्थलों का बूरा चाहा तो उसे हमले टकराना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने उन मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा जिनके नाम मतदाता सूची के मसौदा में नहीं है, ‘अगर मतदाता सूची के मसौदा में नाम है तो इस बात की गारंटी नहीं है कि नाम अंतिम मतदाता सूची में होगा।Ó उन्होंने कहा कि भाजपा के बहुत सारे बदमाश घूम रहे हैं। बहुत बदमाशी चल रही है। आपको सावधान रहना होगा। दुराचारी गृह मंत्री एआई का इस्तेमाल करके नाम हटा रहे हैं। अपनी आंखें और कान खुली रखें।” साथ ही उन्होंने नए मतदाताओं से भी नाम जुड़वाने में सावधानी बरतने को कहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, ‘अगर नाम हटा गए तो लड़कियां धरने पर बैठ जाएंगी। अगर एक भी नाम हट गया तो बंगाल और दिल्ली में आंदोलन होगा। अगर किसी का नाम कट गया तो माताएं और बहनें जाकर कहेंगी कि नाम शामिल करें।Ó
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी


















