डीएम ने किया, देश दुनिया से पुण्यार्थियों के आने का आह्वान
तीर्थ यात्रियों की 24 घंटे सेवा व मदद के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
जगदीश यादव
कोलकाता 31 दिसंबर (आरएनएस)। कुम्भ मेले के बाद गंगासागर मेला भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसे में बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन को इस साल भारी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। दक्षिण 24 परगना जिला अरविंद कुमार मीना ने एक संवाददाता सम्मेलन में उक्त उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि मेले में सुरक्षा से लेकर हर तरह की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। डीएम ने देश भर के लोगों से आह्वान किया कि, वह लोग गंगासागर की पावन पुण्ययात्रा पर आये उनका स्वागत है। उन्होंने बताया कि, गंगा सागर मेला 2026 सागर द्वीप में 8 जनवरी से शुरू होगा। मेले का समापन 17 जनवरी को होगा। आज दक्षिण चौबीस परगना जिला के डीएम एके मीना
के अनुसार मेले में 2500 सिविल डिफेंस कर्मी तैनात होंगे। डीएम ने बताया कि, 2500 से अधिक बसें व अन्य वाहन तीर्थयात्रियों के लिए चलेगें। साथ ही 1000 से 2500 यात्री क्षमता वाले 13 बर्ज की सेवा होगी। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि, मेले के समय 32 वेसेल, लकड़ी के 100 लांच चलेंगे। एनडीआरएफ टीम, डीप डाइवर्स, भारतीय नौसेना, एसडीआरएफ और तटरक्षक बल को तैनात किया जाएगा। 50 फायर टेंडर के साथ 12 अस्थायी फायर स्टेशन होंगे। रात के दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए मुड़ी गंगा चैनल के भीतर डब्ल्यूबीटीसी द्वारा फॉग लाइट की व्यवस्था, डब्ल्यूबीएसईटीसीएल द्वारा मुड़ी गंगा पर टावरों की रोशनी, पीएचई द्वारा जेटी पर फॉग लाइट और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर फॉग लाइट की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक तीर्थयात्रियों के लिए 5 लाख रुपये दुर्घटना बीमा कवरेज होगा। लांच और बर्ज में एक एकीकृत सॉफ्टवेयर के साथ उन्नत जीपीएस डिवाइस लगाई जाएगी, जिसकी निगरानी सागर स्थित मेगा कंट्रोल रूम से की जाएगी। इस दौरान यहां 150 स्वंय सेवी संस्थाओं के लगभग 10 हजार कर्मी तीर्थयात्रियों को भोजन, स्वास्थ्य से लेकर हर सम्भावित सेवा प्रदान करेंगे। तीर्थयात्रियों के लिए 12,300 से अधिक स्थायी और अस्थायी शौचालय होंगे और तीन हजार सफाई कर्मी रात दिन तैनात होकर अपना काम करेंगे। इसके अलावा उन्नत स्वास्थ्य सेवा से पूर्ण 5 अस्थायी अस्पतालों सहित, इसके अलावा लगभग 540 बेड को जरुरत के लिए आरक्षित रखा जाएगा। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के लिए 1 एयर एम्बुलेंस, 4 वाटर एम्बुलेंस और 100 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। सागर और लॉट-8 में पैरामेडिक्स और नर्सों के साथ पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेवा में रखा जाएगा। मरीजों को निकालने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध होगा। सागर द्वीप में गहन चिकित्सा इकाई और 24 घंटे पोस्टमार्टम सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। सागर में आधुनिक जल आपूर्ति पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। लगभग एक करोड़ से अधिक पानी के पाउच लोगों को बांटे जाएगें। साथ ही दुकानों की खाद्य गुणवत्ता की जांच होगी।
वहीं सुंदरबन पुलिस जिले के एसपी डॉ. कोटेश्वर राव ने दावा किया कि मेले में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। डॉ. राव ने बताया कि, गंगा सागर पुण्य स्नान के दौरान चप्पे-चप्पे पुलिस प्रशासन सहित एजेंसियों की नजर रहेगी और किसी भी हालात का सामना करने के लिए पूरी व्यवस्था तैयार है। गंगा सागर में देश के विभिन्न भागों और विदेशों से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बेहद पुख्ता होगी। मेले में 15 हजार पुलिस कर्मी ही नहीं इंस्पेक्टर, डीएसपी, एएसपी, एसपी से लेकर वरीय आईपीएस अधिकारी तैनात रहेंगे। सागर मेले में महत्वपूर्ण स्थानों पर लगभग 1250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों में विशेष भीड़ प्रबंधन सॉफ्टवेयर लगा होगा जो तीर्थयात्रियों की संख्या, भीड़ के एकत्र होने की चेतावनी आदि के बारे में जानकारी देने के लिए वास्तविक समय में कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करेगा। इसके अलावा, महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष ड्रोन का उपयोग करके ड्रोन-आधारित ट्रैकिंग और जीपीएस निर्देशित इंटेलिजेंट क्राउड मॉनिटरिंग भी की जाएगी, जिसकी निगरानी मेगा कंट्रोल रूम से होगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेटल और अस्थायी बैरिकेडिंग की जा रही है। सभी प्रमुख सड़कों, मेला स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर दिशा सूचक संकेत लगाए जाएंगे। तीर्थयात्रियों के मार्गों की आसान पहचान के लिए प्रत्येक सड़क को अलग-अलग रंगों से रंगा जा रहा है।गंगासागर मेला-2026 में, जिला प्रशासन इसरो द्वारा विकसित नेविक टेक्नोलॉजी (नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन जिसमें 7 सैटेलाइट और ग्राउंड स्टेशनों का एक नेटवर्क शामिल है जो ज़्यादा सटीक जानकारी, सटीक समय और सटीक लोकेशन देता है) का इस्तेमाल करेगा। तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले सभी जहाजों और बसों की निगरानी इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके की जाएगी। जो जहाज गलती से अपने तय रास्ते से भटक सकते हैं, उनके लिए मेगा कंट्रोल रूम में ऑटोमेटेड अलर्ट जेनरेट किया जाएगा। । 9-17 जनवरी 2026 तक तीर्थयात्रियों, सरकारी अधिकारियों, पुलिस, एनजीओ, परिवहन और मीडिया कर्मियों को प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा।
इमरजेंसी कम्युनिकेशन के लिए 24ङ्ग7 मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, 7 वाई-फाई ज़ोन, वाई-फाई कॉलिंग, फ्री कॉलिंग ज़ोन/बूथ, हाई फ्रीक्वेंसी मैनपैक (150+ आरटी हैंडसेट), हैम रेडियो, सैटेलाइट फोन, जानकारी देने के लिए बड़ी लीड स्क्रीन आदि की व्यवस्था की जाएगी। मेले के दौरान भारी संख्या में तीर्थयात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया गया है। साथ ही महा सागर आरती 3 दिनों (11, 12 और 13 जनवरी 2026) तक बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी। वहीं सागर कथा – सागर कथा 3 दिनों तक विभिन्न स्लॉट में आयोजित की जाएगी (11, 12 और 13 जनवरी 2026)। यह उन सभी इच्छुक लोगों के लिए आध्यात्मिक चर्चा और मन की शांति के लिए उक्त जगह स्मरणीय होगी है। डीएम एके मीना ने बताया कि, इस साल बांग्लार मंदिर के तर्ज पर जैसे दीघा का जगन्नाथ धाम, कालीघाट, दक्षिणेश्वर, तारापीठ, बेलूर मठ, मदन मोहन और महाकाल मंदिर की अनुकृति लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगी। हर साल की तरह इस साल भी ई-स्नान, ई-अनुसंधान, ई-दर्शन, ई-परिचय क्यूआर कोड रिस्ट बैण्ड व वेबसाइट सेवा से लेकर हर तरह की सुविधा तीर्थयात्रियों के लिए होगी। उक्त संवाददाता सम्मेलन में जिला सभाधिपति नीलिमा मिस्त्री विशाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।
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