० माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुआ बस्तर संभाग का बहुत बड़ा इलाका।
० नक्सलवाद को छोड़कर मुख्य धारा में शामिल हुए 1573 लोग।
(केशव सल्होत्रा रीजनल हैड राष्ट्रीय न्यूज सर्विस)
जगदलपुर 03 Jan, (आरएनएस) /- बस्तर संभाग के अलग-अलग इलाकों में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान, नक्सलियों के आत्मसमर्पण समेत अन्य अपराध एवं पुलिस को 2025 में मिली सफलता और 2026 के टारगेट्स का पूरा लेखा-जोखा शनिवार को बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने एक पत्रकार वार्ता में रखा। दो टूक शब्दों में आइजी ने कहा कि 2025 निर्णायक साल रहा और 2026 फोर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। मार्च 26 तक नर्सरी गतिविधियों को समाप्त करने का लक्ष्य है। जिसमें निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी इसके लिए संभाग के सातों जिलों के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पूरी फोर्स एक-एक कदम मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही है। फोर्स का हौसला अफजाई करते उन्होंने कहा कि इलाके में तैनात पूरे बल की वजह से सफलता मिल रही है। इसी से ही आने वाले समय में नक्सल मुक्त भारत, छत्तीसगढ़, बस्तर का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। फोर्स के प्रभाव और पूना मारगेम अभियान से नक्सलवाद को त्याग कर 1573 लोग मुख्य धारा में शामिल हुए हैं। वहीं 17 अक्टूबर 2025 को 210 लोगों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
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आत्मसमर्पण पॉलिसी अनलिमिटेड ऑफर नहीं है
देश के सभी राज्यों में आत्म समर्पित नक्सलियों के लिए अलग-अलग नीतियां है। जहां तक नक्सलवाद के खात्में का सवाल है तो आत्मसमर्पण अनलिमिटेड ऑफर नहीं है। सीमित समय में जितने भी नक्सली सक्रिय हैं उन्हें फैसला लेकर आत्म समर्पण करना है। इसके अलावा उनके पास कोई भी चारा नहीं बचा है। अंदरूनी इलाकों में जहां तक ऑपरेशन जारी रखने की बात है तो पुलिस अपनी रणनीति के तहत काम कर रही है आगे भी करती रहेगी। लोगों की जान माल की रक्षा करना पुलिस का प्रमुख दायित्व है। आईजी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पेंडम को बहुत बड़ा रिस्पांस मिला है इस बार पूरे संभाग में 3 लाख 91हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।इससे साफ पता चलता है कि बस्तर में शांति लौट रही है।
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इंसास एलएमजी,एके-47, कार्बाइन, एसएलआर, 303 जैसे हथियार बरामद हुए
पूरे इलाके में जवानों ने सटीक ऑपरेशन चलाए हुए हैं। योजनाबद्ध तरीकों से चलाए गए अभियानों का नतीजा है कि फोर्स को 677 हथियार बरामद करने में सफलता मिली है। जिसमें एके-47,इंसास, 303,एसएलआर, कार्बाइन और इंसास एलएमजी समेत अन्य हथियार शामिल हैं। सबसे बड़ी बात यह भी है कि इन अभियानों में फोर्स को बेहद कम नुकसान पहुंचा है जबकि नक्सलियों को जानी नुकसान के अलावा हथियार भी छोड़ने पड़ रहे हैं।
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16 करोड़ मूल्य का 2768.343 किलो गांजा जब्त
नक्सल विरोधी अभियान के अलावा अन्य अपराधों पर भी आईजी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में 1 साल के अंदर करीब 16 करोड रुपए मूल्य का 2768.343 किलो गांजा जप्त किया गया है। इसके अलावा चोरी, सड़क दुर्घटना, हत्या, हत्या के प्रयास, महिलाओं से जुड़े अपराधों में भी विगत वर्षों की तुलना में कमी आई है। सभी एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क हादसे रोकने के लिए अपने मातहतों को निर्देश दें। इस दौरान बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने ऑपरेशन मुस्कान, महिलाओं से जुड़े अपराध,संभाग मुख्यालय में महिला थाना की सुविधाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में बस्तर संभाग के सभी जिला के पुलिस प्रमुख शामिल रहे।

