बस्ती 4 जनवरी (आरएनएस)। फसल अवशेष प्रबंधन को सरकारी प्रयासों और किसानों की समझ ने इस बार रंग दिखाया है। पहली बार पराली जलाने की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों के मुकाबले इस सीजन में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। कभी धुएं की चादर में लिपटे रहने वाले ग्रामीण अंचलों में अब किसान फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका प्रबंधन करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। कृषि विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि किसानों के बीच बढ़ती जागरूकता और आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता ने इस समस्या के समाधान में बड़ी भूमिका निभाई है। कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि किसानों के बीच बढ़ती जागरूकता और आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता ने इस समस्या के समाधान में बड़ी भूमिका निभाई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों को अब यह समझ आने लगा है कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और भूमि की उर्वरा शक्ति भी घटती है। प्रगतिशील किसान अमर यादव निवासी छतौरा बताते हैं पहले हमें लगता था कि आग लगाना ही सबसे सस्ता और आसान तरीका है, लेकिन अब हम हैप्पी सीडर जैसे यंत्रों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे अगली फसल की उपज भी बेहतर हो रही है और खाद का खर्च भी कम हुआ है।
धीरे-धीरे किसानों का नजरिया बदल रहा है। अब वे पराली को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन मान रहे हैं। ग्रामीण अंचल में अब किसान फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका प्रबंधन करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। जागरूकता का नतीजा है कि इस बार पूरे साल में मात्र 123 घटनाएं सामने आईं उसमें किसानों से 75 हजार रूपये जुर्माना वसूल किया गया है।
: डा. बीआर मौर्य, जिला कृषि अधिकारी, बस्ती
1605 मजनुओं से माफीनामा, 50 हजार छात्राएं हुई प्रशिक्षित
32 स्थानों पर हुआ बहू-बेटी सम्मेलन, सुरक्षा का दिया गया भरोसा
42 स्कूलों की 50 हजार छात्राएं को प्रशिक्षित कर बनाया जागरूक
बस्ती: प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रदेश में नारी सुरक्षा और सम्मान को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अभियान के नवीनतम चरण में पुलिस ने न केवल शोहदों और मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक स्तर पर सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया। महिला थाने की एसएचओ डा.शालिनी सिंह की ओर से मनचलों की काउंसलिंग की गई। अभियान के दौरान पुलिस की एंटी रोमियो स्क्वाड ने विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और बाजारों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान छेडख़ानी और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 1605 युवाओं (मजनुओं) को हिरासत में लेकर उनकी काउंसलिंग की गई। पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी से लिखित में माफीनामा भरवाया। उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में वे दोबारा ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनका आपराधिक रिकार्ड भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सम्मेलनों के दौरान आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक कर उन्हें सशक्तिकरण के टिप्स दिए गए।
32 स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन
महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अकेले कोतवाली क्षेत्र के 32 महत्वपूर्ण स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इन सम्मेलनों में भारी संख्या में महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों ने हिस्सा लिया। सुरक्षा हेल्पलाइन की जानकारी दी गई। सम्मेलन में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को विमेन पावर लाइन 1090Ó, यूपी 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और ‘चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तार से बताया। महिला पुलिसकर्मियों ने गांव और मोहल्लों की महिलाओं से सीधा संवाद किया ताकि वे बिना किसी डर के अपनी शिकायतें साझा कर सकें।
एक नजर मिशन शक्ति फेज 5.0
:अब तक 500 स्थानों पर छह हजार लोगों की चेकिंग
: मिशन के तहत 225 दंपत्ती का समझौता
: एंटी रोमियों के तहत 1605 का माफीनामा
: 42 स्कूलों के 50 हजार छात्राओं को किया जागरूक
: शहर में स्टंटबाज 65 बाइकर्स के खिलाफ चालान की कार्यवाही
मिशन शक्ति फेज पांव का मुख्य उद्देश्य भयमुक्त वातावरण बनाना है। महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की गश्ती टीमें अब सादे कपड़ों में भी भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात कर दी गईं है। हमारा लक्ष्य है कि जिले की हर बेटी और बहू खुद को सुरक्षित महसूस करे। माफीनामा भरवाना सुधार का एक मौका है, लेकिन आदतन अपराधियों के खिलाफ जेल भेजने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
अभिनन्दन, पुलिस अधीक्षक, बस्ती
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