मेरठ 4 जनवरी (आरएनएस)। परतापुर थाना क्षेत्र में घाट पुलिस चौकी से 200 मीटर की दूरी पर बाइक व कार सवार बदमाशों ने हरिद्वार से फरीदाबाद जा रहे एक कैंटर में तोडफ़ोड़ कर उसे लूट लिया। कैंटर में पैनासोनिक कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक सामान था, इसमें से 32 पेटियां बदमाश लूटकर ले गए। कैंटर चालक बिहार के छपरा निवासी संजीव जान बचाकर मौके से भाग गया। दो घंटे बाद उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
कैंटर के आगे के शीशे और बॉडी पर गोली जैसे करीब 25 निशान मिले हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि कैंटर लूटने से पहले फायरिंग की गई थी। हालांकि पुलिस फायरिंग से इन्कार कर रही है। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस हाईवे व आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाश करीब कई किलोमीटर पहले से कैंटर के पीछे लग गए थे।
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि हरिद्वार के बहादराबाद स्थित पैनासोनिक कंपनी के गोदाम से इलेक्ट्रॉनिक सामान की डिलीवरी करने के लिए चालक शुक्रवार रात मेरठ होते हुए फरीदाबाद जा रहा था। रात एक बजे संजीव कैंटर लेकर परतापुर बाईपास पर डुंगरावली गांव के पास पहुंचा था। यहां बाइक व कार सवार बदमाशों ने कैंटर को ओवरटेक कर रोकने का प्रयास किया। मगर संजीव ने कैंटर नहीं रोका। इसके बाद बदमाशों ने कैंटर को आगे से घेर लिया। खुद को घिरता देख संजीव ने कैंटर को फेंटेसी वल्र्ड के सामने से होकर परतापुर पुल के किनारे लाकर रोक दिया और कूदकर झाडिय़ों के रास्ते भाग निकला। इसके बाद बदमाशों ने कैंटर में जमकर तोडफ़ोड़ की थी। करीब दो घंटे बाद संजीव मौके पर पहुंचा। उसने देखा कि बदमाशों ने कैंटर पर लगी सील को तोड़कर उसमें रखी 32 पेटियां लूट लीं और मौके से भाग गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कैंटर चालक की तलाश की। पुलिस ने संजीव से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। शनिवार सुबह जानकारी मिलने के बाद कंपनी के अधिकारी परतापुर थाने पर पहुंचे थे। ट्रांसपोर्टर दिनेश की तहरीर पर पुलिस ने लूट की प्राथमिकी दर्ज कर दी है। सीओ का कहना है कि प्रथम जांच में बाइक व कार सवार बदमाशों का कैंटर चालक से विवाद प्रकाश में आ रहा हैं।
पुलिस की कार्यशैली व गश्त पर उठे सवाल
एचएच 58 पर शुक्रवार देर रात हुई लूट व कैंटर में तोडफ़ोड़ की घटना से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे है। घटना घाट पुलिस चौकी से महज 200 मीटर दूर हुई है। ऐसे में पुलिस की गश्त सवालों के घेरे में है। घटना के बाद पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। पुलिस पूरे दिन कैंटर चालक संजीव को साथ लेकर घूमती रही। कैंटर को भी पुलिस ने शनिवार देर शाम तक थाने की जगह दूसरी स्थान पर खड़ा रखा। कंपनी के अधिकारी भी जानकारी देने से बचते दिखे।
सिवाया टोल से घाट चौकी तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले
सीओ ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस ने सिवाया टोल प्लाजा से लेकर घाट पुलिस चौकी तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पहले एक संदिग्ध कार पुलिस को नजर आई जो सिवाया टोल प्लाजा से कैंटर के पीछे थी। हालांकि बाद में कार दूसरी दिशा में चली गई थी। इसके बाद एक बाइक सवार तीन युवक कैमरे में नजर आ रहे हैं जो घाट चौकी से करीब दो किमी पहले से कैंटर के पीछे लग गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कैंटर से बाइक मे टक्कर लगने से विवाद हुआ था। पुलिस बाइक सवारों की तलाश कर रही है।
तो कैंटर पर हुई थी फायरिंग
कैंटर के आगे के शीशे और बॉडी पर 25 निशान मिले हैं जिन्हें देखकर लगता है कि बदमाशों ने कैंटर को लूटने से पहले उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हालांकि सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना का कहना है कि यह फायरिंग के निशान नहीं है। बदमाशों ने कैंटर पर टायर बदलने की रॉड से हमला किया हैं। फोरेंसिक टीम की जांच में फायरिंग का कोई निशान नहीं मिला है। आरोपियों की पहचान कर जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।
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