सुलतानपुर 6 जनवरी (आरएनएस)। जिले की बल्दीराय तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाना तहसील प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। तालाब, खलिहान, नाली, चकरोड, घूर, गड्ढा, नवीन परती सहित अन्य सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा वर्षों से बना हुआ है, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में असफल नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि योगी सरकार और उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद तहसील प्रशासन कब्जेदारों को पूरी तरह बेदखल कराने में नाकाम साबित हो रहा है। कई मामलों में न्यायालय अथवा राजस्व न्यायालय से आदेश होने के बाद भी मौके से अवैध कब्जा नहीं हटाया जा सका है।जानकारी के अनुसार पहले तहसील क्षेत्र में 217 गांव थे, जो अब 160 गांवों में सीमित हैं, लेकिन अधिकांश गांवों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायतें की गईं, मुकदमे भी दर्ज हुए और कई मामलों में कब्जेदारों को बेदखल करने के आदेश भी पारित हुए, बावजूद इसके दबंगों का कब्जा हट नहीं सका। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां दबंगों के पक्के कब्जे पर प्रशासन हाथ डालने से बचता रहा, वहीं गरीबों की झोपड़-पट्टी पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तहसील क्षेत्र के प्रत्येक गांव की सरकारी भूमि का निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराया जाए, तो वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक शिथिलता और उदासीनता स्वत: उजागर हो सकती है।
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