सुल्तानपुर 6 जनवरी (आरएनएस )। गोलाघाट से टेढ़ूई तक बन रही फोरलेन सड़क परियोजना अब विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार और लूट की कहानी कह रही है। सड़क निर्माण के दौरान जमीन में पहले से बिछी करोड़ों रुपये मूल्य की मोटी कापर केबल को योजनाबद्ध तरीके से निकालकर चोरी-छिपे बेचा जा रहा है। यह खेल न सिर्फ खुलेआम चल रहा है, बल्कि इसमें निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों की सीधी संलिप्तता की भी चर्चा है।सूत्रों के मुताबिक, जेसीबी मशीन से जमीन खोदकर केबल निकाली जाती है और फिर उसे स्थानीय कबाड़ी को बेच दिया जाता है। हैरानी की बात यह है कि यह सब काम दिनदहाड़े किया जा रहा है, फिर भी जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण में लगे कर्मचारी बसोढ़ी इलाके में किराये के कमरों में रहते हैं, जहां रोज सुबह इन केबलों को जलाकर कापर अलग किया जाता है। इसके बाद उसी दिन यह कापर बाजार में बेच दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि इस अवैध धंधे से रोजाना 30 से 40 हजार रुपये की कमाई हो रही है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा खेल आखिर किसके इशारे पर चल रहा है? क्या संबंधित विभाग की मिलीभगत है या फिर यह गंभीर लापरवाही का नतीजा है? अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला करोड़ों के घोटाले में बदल सकता है। जनता जानना चाहती है कि दोषियों पर कब शिकंजा कसेगा और कब इस लूट का पर्दाफाश होगा।
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