जौनपुर 6 जनवरी (आरएनएस )। प्रभु हमारे आचरण और उत्तम विचार पर विराजमान होते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी भक्ति है। ये बातें महराजगंज क्षेत्र के सवंसा हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री रामकथा महोत्सव के अंतिम दिन कथाव्यास अनिल पांडेय महाराज ने कही। राम के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होंने आदर्श राजा, उत्कृष्ट भाई, श्रेष्ठ पुत्र, महान मित्र की भूमिका एक साथ निभाकर मानक स्थापित किया। प्रभु राम के नाममात्र से रावण जैसे अत्याचारी का अंत हो जाता है। अंदर के सारे पाप और कुविचार समाप्त हो जाते हैं। मन के रावण का अंत करें, स्वतरू प्रभु राम की भक्ति मिल जाएगी। अन्याय पर न्याय की जीत के लिए प्रभु श्री राम ने विकट समुद्र को पार कर यह साबित कर दिया कि अन्याय और अत्याचार का हर समय विरोध करना ही मनुष्य का नैतिक कर्तव्य है। कथा महोत्सव में भगवान राम के राजतिलक के साथ कथा का समापन हुआ। बदलापुर विधायक रमेशचंद्र मिश्रा ने कथा व्यास को अंगवस्त्र और भगवान राम की प्रतिमा भेंट की। आयोजक समिति के यादवेंद्र प्रताप सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रीराम नाम का दुपट्टा देकर सम्मानित किया। आगंतुकों के प्रति पूर्व मंडल अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप सिंह लवकुश ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कथा के दौरान पं. अखिलेश चंद्र मिश्र, लालमणि पांडेय, रमेश सिंह, अखिलेश सिंह, शिव प्रताप सिंह, सुधाकर तिवारी, सिद्धार्थ सिंह, श्याम शंकर उपाध्याय पुजारी, संजय तिवारी, हेमंत गुप्ता, अवधेश उपाध्याय, आशीष सिंह, बबलू सिंह, आशु उपाध्याय, अमर पाल तिवारी, राजेश उपाध्याय उपस्थित रहे। संचालन शुभम काशी ने किया।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

