लखनऊ 6 जनवरी (आरएनएस )। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, शुद्ध और समावेशी बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के गणना चरण के मुख्य निष्कर्ष सामने आ गए हैं। 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चले इस व्यापक अभियान में राज्य के मतदाताओं की अभूतपूर्व सहभागिता दर्ज की गई। 27 अक्टूबर 2025 की मतदाता सूची में दर्ज 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाताओं में से 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा कर प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।इस अभियान की सफलता के पीछे प्रदेश के सभी 75 जनपदों में तैनात निर्वाचन तंत्र का समन्वित प्रयास रहा। जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों और वॉलेन्टियर्स ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया। बूथ लेवल अधिकारियों ने मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक मतदाता तक पहुंच बनाते हुए गणना प्रपत्र वितरित किए और उनके संग्रह के लिए कई बार भ्रमण किया। इस पूरी प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके द्वारा नियुक्त 5 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने भी सक्रिय सहयोग किया, जिससे पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान यह विशेष ध्यान रखा गया कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इसके लिए राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए और राजनीतिक दलों के साथ कई चरणों में बैठकें आयोजित कर प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई। हाशिए पर स्थित वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया, ताकि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर 6 जनवरी 2026 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इसके साथ ही दावा और आपत्ति की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है, जो 6 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस अवधि में पात्र मतदाता अपने नाम जोडऩे, अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने अथवा प्रविष्टियों में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त दावों और आपत्तियों का सत्यापन और निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, जिसके बाद 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।मतदाता अपना नाम बूथ लेवल अधिकारी के पास उपलब्ध सूची, मोबाइल एप तथा निर्वाचन आयोग की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे आवश्यक अभिलेखों के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं को मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और अब तक 15 लाख 78 हजार 483 नए मतदाताओं के पंजीकरण के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में जनपद और राज्य स्तर पर संपर्क केंद्र संचालित किए गए, जहां लगभग 62 हजार फोन कॉल्स के माध्यम से नागरिकों की जिज्ञासाओं और समस्याओं का समाधान किया गया। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित विधिक प्रक्रिया और सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना मतदाता सूची से किसी भी नाम का विलोपन नहीं किया जा सकता। आयोग ने दोहराया कि वह पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि लोकतंत्र की नींव मानी जाने वाली मतदाता सूची और अधिक सुदृढ़ हो सके।
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