मडि़हान, मीरजापुर 6 जनवरी (आरएनएस)। शाम ढलते ही जब गांवों में चूल्हों की आग जलनी चाहिए, तब सक्तेशगढ़ चौकी क्षेत्र के जंगल किनारे गांवों में अवैध शराब की भट्टियों से धुआं उठता है। जाम लगाकर नशे में डगमगाते कदम से ग्रामीण महिलाएं रास्ता बदलने को विवश रहती हैं। चुनार थाना क्षेत्र की चौकी सक्तेशगढ़ अंतर्गत नूनौटी गांव के कोदवारी सहित कई इलाकों में धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री हो रही है, सवाल उठ रहा कि क्या नाक के नीचे बिक रही अवैध धंधों की महक पुलिस तक नहीं आती। ग्रामीणों का आरोप है कि महुआ की बिना डिग्री कच्ची शराब खुलेआम तैयार कर बेची जा रही है। इससे शराब ठेकेदारों को भी चूना लग रहा है, बल्कि गांव की सामाजिक संरचना भी बिखरती जा रही है। शासन-प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान पर एक तमाचा है। ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि शाम होते ही गलियों से गुजरना मुश्किल हो गया है। चट्टी-चौराहों पर नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं, मारपीट आम हो गई है। जो कोई विरोध करता है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है। डर के साए में जी रहे परिवारों के लिए यह सिफऱ् कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, बल्कि इज्ज़त, सुरक्षा और भविष्य का संकट है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी और पुलिस की मौन सहमति, संरक्षण के बिना यह कारोबार इतने खुलेआम नहीं चल सकता। कभी-कभार दिखावटी कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है और फिर सब कुछ पहले जैसा चलने लगता है। शिकायतें करते-करते लोग थक-हारकर चुप हो गए , कि कहीं उन्हींको आवाज़ उठाने की कीमत न चुकानी पड़े। इस संबंध में चुनार थाना के क्राइम ब्रांच प्रभारी सत्येंद्र यादव ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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