सोहावल-अयोध्या 6 जनवरी (आरएनएस)। सरकारी नलकूप संख्या 42 एफजी से जुड़े तहसीनपुर के दर्जन भर किसानों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। नलकूप विभाग ने अपनी अदालत से इनका वारंट जारी कर दिया है। किसानों पर यह मुकदमा नलकूप विभाग की नाली की भूमि काटकर अवैध कब्जा करने को लेकर है। इसे लेकर किसानों ने सोमवार को समाधान दिवस पर जिलाधिकारी के समक्ष भी न्याय के लिए गुहार की है। राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ अयोध्या के किनारे टोल प्लाजा के निकट स्थापित इस सरकारी नलकूप से जुड़े करीब 22 किसानों पर नलकूप विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर विभाग में करीब 8 वर्ष पहले मुकदमा किया था। पेशी दर पेशी किसानों ने अपना पक्ष रखते हुए विभाग के अभियंताओं की जांच रिपोर्ट पक्ष में बता कर मुकदमे से फुर्सत पा ली थी। अचानक तीन दिन पहले नलकूप विभाग का यह जिन्न फिर बाहर आ गया और रौनाही थाने की पुलिस ने इसे लेकर 11 किसानों का वारंट आने की बात कही तो किसानों के पैरों तले धरती खिसकने लगी। वारंट की चपेट में बताए जा रहे किसान रामनाथ मिश्रा, ध्यानीस कुमार, पंचम लाल, स्वामीनाथ, हरीश मिश्रा, केशव राम, शिवकरण, शिव वरदान,द्वारिका, गंगाराम, राम बरन यादव आदि में से कुछ ने इसे विभाग की दबंगई और उत्पीडऩ की संज्ञा देते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार की है। पूछे जाने पर विभाग के एसडीओ योगेश सोनकर ने बताया कि कुछ किसानों की शिकायत समाधान दिवस पर मिली है। जांच पड़ताल के बाद रिपोर्ट और कार्रवाई होगी।
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