-राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में मनरेगा समेत कई मांगें उठाईं
अयोध्या 6 जनवरी (आरएनएस)। वामपंथी दलों से जुड़े खेत मजदूर संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा एवं ट्रेड यूनियनों ने मंगलवार को राष्ट्रीय आह्वान पर जिले के विभिन्न ब्लाक कार्यालयों पर प्रदर्शन कर खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा विगत 03 जनवरी को मिर्जापुर जिले में भाकपा (माले) राज्य सचिव सुधाकर यादव, राज्य कमेटी सदस्य जीरा भारती व अन्य कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार कर फर्जी केस में जेल भेजने की कार्यवाही को योगी सरकार की अलोकतांत्रिक और दमनकारी बताते हुए कठोर शब्दों में निंदा की और अविलंब बिनाशर्त रिहा करने की मांग की गई। ज्ञापन में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन को तत्काल निरस्त कर मनरेगा कानून को और सार्वभौमिक बनाते हुए दो सौ दिन काम और 600 रुपए मजदूरी की गारंटी करने, संगठित/ असंगठित मजदूरों के लिए गुलामी का नया दस्तावेज चारों श्रम संहिता को निरस्त करने, बिजली विभाग का निजीकरण बंद करने, स्मार्ट मीटर को लगाने से रोकने तथा 200 यूनिट बिजली फ्री देने, बुल्डोजर चलाकर गरीबों को उजाडऩे से रोकने तथा प्रत्येक गरीब को वास – आवास के लिए पांच डिसमिल जमीन देने, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा ग्रामीण गरीबों को दिए जा रहे कर्ज के लेन देन में आरबीआई गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा दो लाख तक के कर्ज माफ करने की मांग की गई है। पूरा ब्लाक में खेत मजदूर संगठन के प्रांतीय महामंत्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह, भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य राजेश वर्मा, शिवराम, उत्तम कुमार, मया ब्लाक में भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य राम भरोस, मजदूर नेता लक्ष्मण, मोहन यादव, राजबली यादव, तारुन ब्लाक में माकपा जिला सचिव अशोक यादव, संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मयाराम वर्मा, भाकपा माले नेता उमाकांत विश्वकर्मा, खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री माता बदल, किसान नेता बाबूराम यादव, बीकापुर तहसील में किसान सभा के जिला सचिव मयाराम वर्मा, वरिष्ठ नेता शेख मोव इशहाक, वरिष्ठ अधिवक्ता राम तेज वर्मा आदि नेताओं ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
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