-नायब तहसीलदार ने किया सत्यापन
गोसाईगंज-अयोध्या 6 जनवरी (आरएनएस)। गोसाईगंज कस्बे के तेलियागढ़ मोहल्ले में स्थित आर्य समाज मंदिर जिसकी स्थापना वर्ष 1967 में हुई थी,जिसमें बिगत वर्षों से पूजा-हवन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते आ रहे हैं।आर्य समाज की पवित्र भूमि पर कथित कब्जे को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है।बताया गया कि कुछ वर्ष पूर्व आर्य समाज द्वारा मंदिर परिसर के बाहरी सिरे पर कमरे बनवाए गए थे, जिन्हें किराए पर आवंटित किया गया। इन कमरों में स्वर्गीय रामफूल द्वारा लोहे का गोदाम, रमेश सिंह की इलेक्ट्रॉनिक दुकान तथा रामजी मौर्य द्वारा खाद का गोदाम संचालित किया जा रहा है। इसी परिसर में आर्य समाज द्वारा हवन व अन्य धार्मिक गतिविधियां भी की जाती हैं। आर्य समाज के अध्यक्ष शेष प्रकाश मद्धेशिया ने आरोप लगाया कि मंदिर की भूमि व भवन पर भूमाफियाओं द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है।मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल, जनता दरबार तथा डीएम अयोध्या को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।शिकायत के क्रम में सोमवार को नायब तहसीलदार सदर स्नेहल वर्मा मौके पर पहुंचे और आर्य समाज मंदिर का जांच किया। इस दौरान किराए पर रह रहे लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। जांच के बाद नायब तहसीलदार ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी और उनके आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं आर्य समाज के अध्यक्ष शेष प्रकाश ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 जनवरी को आर्य समाज का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस बार 150वां स्थापना दिवस होगा जिसमें आर्य समाज के विद्वान एवं सैकड़ों की संख्या में सामाजिक लोग उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान हवन, ध्वजारोहण सहित कई आयोजन प्रस्तावित हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया कि कार्यक्रम से पूर्व ही कथित कब्जाधारियों को हटवाकर आर्य समाज को उसकी भूमि दिलाई जाए।वंही दूसरी तरफ किराए पर रह रहे बजरंगी प्रसाद, रामजी मौर्य और रमेश सिंह ने बताया कि आर्य समाज में दो-दो अध्यक्ष होने के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से उनसे न तो किराया लिया गया है और न ही परिसर खाली करने संबंधी कोई लिखित नोटिस दिया गया है। जबकि इसके पूर्व शुरू की कमेटी बनी हुई थी उसमें हम लोग बैंक के खाते में किराया का पैसा जमा कर रहे थे।वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक तत्व जो है आर्य समाज मंदिर को विवादित बनाना चाहते हैं आज लगभग 10 वर्ष से अधिक उसमें ना तो हवन हुआ ना ही कोई कार्यक्रम किया जा रहा है। ऐसे लोग सिर्फ आर्य समाज मंदिर को बदनाम की करने की प्रक्रिया को कर रहे हैं हम व्यापारी हैं किसी की जमीन पर मालिकाना हक नहीं जता सकते।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

