लखनऊ 7 जनवरी (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार उन सभी लोगों का पक्का मकान पाने का सपना अवश्य पूरा करेगी, जो कच्चे मकानों में रह रहे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पात्र लाभार्थियों के चयन के लिए आवास प्लस सर्वेक्षण–2024 के अंतर्गत 58.84 लाख संभावित लाभार्थियों का डाटा कैप्चर किया गया है, जिनके सत्यापन की कार्यवाही लगातार प्रगति पर है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश भारत सरकार के परफॉर्मेंस इंडेक्स में अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। राजमिस्त्री प्रशिक्षण, सोशल ऑडिट, एरिया ऑफिसर ऐप के माध्यम से निरीक्षण, आवास पूर्णता की गति, पात्र लाभार्थियों को पट्टे पर भूमि उपलब्ध कराना तथा दोनों स्थायी पात्रता सूचियों के संतृप्तिकरण जैसे मानकों पर प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए उत्तर प्रदेश को पिछले वर्षों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य आवासहीन तथा कच्चे एवं जर्जर मकानों में निवास कर रहे ग्रामीण गरीब परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत वर्ष 2028-29 तक सभी पात्र परिवारों को आवास सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक आवास की इकाई लागत 1 लाख 20 हजार रुपये निर्धारित है और निर्मित आवास का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर रखा गया है। आवास में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही लाभार्थियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 90 मानव दिवस का रोजगार देने का भी प्रावधान है। योजना में केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में धनराशि उपलब्ध कराती हैं।केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश को 36.56 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 36.37 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जो 99.48 प्रतिशत है। शेष आवास निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवास आवंटन के लिए पूर्व में तैयार की गई स्थायी पात्रता सूची पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अधिकांश लाभार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें शौचालय, मनरेगा के तहत 90 दिन का रोजगार, नि:शुल्क गैस कनेक्शन, नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों को छोड़कर आवास संबंधित परिवार की महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं और इन महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनके आर्थिक उन्नयन की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
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