लखनऊ 7 जनवरी (आरएनएस )। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में 7 जनवरी 2026 को विद्यालयों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुचारू बनाए जाने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जनहित याचिका संख्या 3436/2020 गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य में उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की गई। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, बबलू कुमार ने की।बैठक में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त, समस्त सहायक पुलिस आयुक्त यातायात तथा अन्य यातायात से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के आसपास छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और स्कूल खुलने व बंद होने के समय होने वाली अव्यवस्था को समाप्त करना रहा।बैठक में स्पष्ट किया गया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी विद्यालयों के नोडल अधिकारियों को अपने-अपने विद्यालयों के बाहर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। जिन विद्यालयों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, उन्हें तत्काल एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विद्यालय अनिवार्य रूप से एक यातायात नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो विद्यालय के खुलने और बंद होने के समय सहित पूरे विद्यालय अवधि में स्कूल के बाहर यातायात प्रबंधन के लिए उत्तरदायी होगा। विद्यालयों को अपने परिसर या आसपास केंद्रीकृत एनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आवश्यकता पडऩे पर तत्काल घोषणाएं की जा सकें।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विद्यालय प्रांगण में उपलब्ध पार्किंग स्थलों का उपयोग विद्यालय कर्मियों के साथ-साथ अभिभावकों के वाहनों के लिए भी सुनिश्चित किया जाए, जिससे सड़क पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। कक्षा पांच तक के वे बच्चे, जो स्कूल वैन या अन्य वाहनों से एक साथ पांच या उससे अधिक की संख्या में आते हैं, उनके लिए यह व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई कि वे स्कूल परिसर के अंदर ही सुरक्षित रूप से वाहन से उतरें और उन्हें ले जाने के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं।जिन विद्यालयों के पास स्वयं का पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं है, उन्हें अपने विद्यालय के निकट किसी उपयुक्त स्थान को चिन्हित कर अस्थायी या वैकल्पिक पार्किंग स्थल के रूप में उपयोग करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों से अपेक्षा की गई कि वे अभिभावकों को बच्चों के आवागमन के लिए निजी वाहनों के बजाय स्कूल बस या स्कूल वैन के उपयोग के लिए प्रेरित करें।बैठक के दौरान विद्यालयों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों ने अपनी-अपनी समस्याओं और सुझावों को भी साझा किया, जिन पर पुलिस अधिकारियों द्वारा गंभीरता से विचार किया गया।भविष्य की कार्ययोजना को लेकर यह निर्णय लिया गया कि 10 जनवरी 2026 तक सभी विद्यालय यातायात व्यवस्था से संबंधित अपनी कार्ययोजना तैयार कर लेंगे। इसके बाद एक संयुक्त टीम द्वारा इन कार्ययोजनाओं की समीक्षा की जाएगी, जिसमें विद्यालय प्रबंधन, यातायात पुलिस के अधिकारी और विद्यालयों में नियुक्त यातायात नोडल अधिकारी शामिल होंगे। समीक्षा के उपरांत कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि विद्यालयों के आसपास यातायात व्यवस्था स्थायी रूप से सुरक्षित और सुचारू बनाई जा सके।
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