जयपुर 16 may, (Rns): सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी का नेटवर्क केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह युवाओं को आतंकी गतिविधियों और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए इस्तेमाल कर रहा है। जांच में सामने आया है कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों के कई युवक उसके जाल में फंस चुके हैं।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान-हरियाणा एटीएस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो दिन पहले संयुक्त छापेमारी कर बड़ी साजिश का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान करीब 20 युवकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सबसे अधिक 10 युवक राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये युवक इंटरनेट मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क के संपर्क में आए थे। श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि भट्टी पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हेरोइन, विदेशी पिस्टल और आरडीएक्स भारत भेज रहा है। वह खासतौर पर ऐसे युवाओं को निशाना बना रहा है जो कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाह रखते हैं।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाया जाता है। इसके बाद उनसे सेना और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। बदले में हवाला के जरिए पैसे पहुंचाए जाते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि हिरासत में लिए गए कई युवक इंस्टाग्राम और फेसबुक पर शहजाद भट्टी को फॉलो करते थे। वे उसकी पोस्ट को लाइक और शेयर भी करते थे, जिससे उनके स्लीपर सेल का हिस्सा बनने की आशंका बढ़ गई है। पुलिस ने युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पिछले दो महीनों में श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में सामने आई घटनाओं को भी इसी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।

