श्रावस्ती 7 जनवरी (आरएनएस)। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के समायोजन में भारी अनियमितता किए जाने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ श्रावस्ती का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद से मिला। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पांडेय ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को अवगत कराया कि समायोजन प्रक्रिया में मनमानी बरती गई है। कई शिक्षकों के निकटवर्ती विद्यालयों में रिक्तियां होने के बावजूद उन्हें दूरस्थ विद्यालयों में भेज दिया गया है। इतना ही नहीं, दिव्यांग एवं महिला शिक्षकों को भी दुर्गम रास्तों एवं साधनविहीन विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया, जो विभागीय नियमों एवं मानवीय दृष्टिकोण दोनों के विपरीत है। शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि संयोजन-3 में विभाग के पूर्ववर्ती नियमों तथा शासनादेशों का घोर उल्लंघन किया गया है। साथ ही दो माह पूर्व जिन विद्यालयों से अध्यापकों को सरप्लस दर्शाकर हटाया गया था, उन्हीं विद्यालयों में पुन: शिक्षकों को भेज दिया गया, जिससे समायोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संघ की ओर से मांग की गई कि शिक्षकों से विकल्प प्राप्त करते हुए शासनादेश के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से समायोजन किया जाए, ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी न हो। इस अवसर पर जिला मंत्री सत्य प्रकाश वर्मा, कोषाध्यक्ष सुनील दत्त शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष हरिहरपुररानी अनूप श्रीवास्तव एवं मंत्री इकौना अनवर खान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन सदैव संघर्षरत रहेगा।
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