लखनऊ 7 जनवरी (आरएनएस )। प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र (आईटीओटी), अलीगंज में प्रधानाचार्य संवर्ग अधिकारियों के लिए प्रशासनिक अनुशासन एवं वित्तीय नियम-विनियम से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना, वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा समग्र रूप से प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. हरिओम ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि प्रशिक्षण प्रणाली में निरंतर सुधार किया जाए और नवीन कौशल तकनीकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित न रहकर प्रशिक्षार्थियों को उद्यमशील बनाने का होना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और प्रदेश के कौशल विकास को नई दिशा मिल सके। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकता है।कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी. के. सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान पढ़ाए जाने वाले विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमों के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार सही प्रक्रियाओं और नियमों के अनुपालन से संस्थानों की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता में वृद्धि होती है। वहीं अतिरिक्त निदेशक मानपाल सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अर्जित ज्ञान को यदि संस्थान स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए तो इससे शासकीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और अनुशासन स्वत: सुनिश्चित हो जाएगा।इस अवसर पर संस्थान की सहायक निदेशक सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रशिक्षण के उद्देश्यों की पुन: पुष्टि करते हुए प्रतिभागियों से सक्रिय सहभागिता के आह्वान के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले दिनों में प्रधानाचार्य संवर्ग अधिकारियों को प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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