लखनऊ 7 जनवरी (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पशुपालन को सुदृढ़ करने और चारा एवं चारागाह विकास को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश चारा नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में नैपियर घास की जड़ें/रूट स्लिप उपलब्ध कराने के लिए 64 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिससे योजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
जारी शासनादेश के अनुसार निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग को यह दायित्व सौंपा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों, अनुमोदित कार्ययोजना तथा योजना के लिए तय गाइडलाइन्स के अनुरूप ही किया जाए। साथ ही, योजना के अंतर्गत किए गए व्यय का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय से उपलब्ध कराना भी निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन की जिम्मेदारी होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उसी मद और प्रयोजन में किया जाएगा, जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई है और किसी अन्य मद, योजना या कार्यक्रम में इसका व्यय पूरी तरह से अनुमन्य नहीं होगा।गौरतलब है कि नैपियर घास उच्च गुणवत्ता वाला चारा मानी जाती है, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुओं के पोषण स्तर में भी सुधार होता है। सरकार की इस पहल से पशुपालकों को बेहतर चारा उपलब्ध होगा, पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। चारा नीति के तहत लिया गया यह निर्णय प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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