अयोध्या 7 जनवरी (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में एनईआरएफ़ रैंकिंग की तैयारियों को लेकर समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल पाँच प्रमुख मानदंडों की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय संथागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को मापने और उन्हें रैंकिंग प्रदान करने का कार्य करती है। कुलपति के मार्गदर्शन में गठित यह समिति द्वारा विश्वविद्यालय को देश के प्रमुख संस्थानों की तजऱ् पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। समिति के समन्वयक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने सभी सदस्यों को अलग-अलग बिंदुओं पर डेटा तैयार करने के लिए 15 जनवरी का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि रैंकिंग के पाँच मुख्य मानक हैं जिसके प्रथम मानक के तहत संस्थान में प्रमुख रूप से शिक्षकों की गुणवत्ता, छात्रों की संख्या और संस्थान में उपलब्ध संसाधनों को परखा जाता है। दूसरे पैरामीटर में संस्थान में कितने शोध हो रहे हैं और विश्वविद्यालय ने कितने पेटेंट प्राप्त किए हैं या फाइल किए हैं आदि गतिविधियाँ शामिल हैं। तीसरे बिंदु में प्रमुख रूप से कितने छात्र प्रति वर्ष उत्तीर्ण हुए हैं और उनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड शामिल है। प्रो. सिंह ने बताया कि बैठक में चौथे बिंदु के क्रम में विश्वविद्यालय में महिलाओं, अन्य राज्यों के छात्रों और दिव्यांगों के लिए कितनी सुविधाएं हैं और उनमें कितना सुधार करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। पाँचवें बिंदु में चर्चा के क्रम में शिक्षा जगत और नियोक्ताओं के मध्य संस्था की छवि को सशक्त करने पर विमर्श किया गया। इस बैठक में प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. सीके मिश्र, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला, प्रो. फ़र्रुख़ जमाल, प्रो. शैलेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. पी के द्विवेदी व अन्य उपस्थित रहे।
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