चित्रकूट 7 जनवरी (आरएनएस)। डीएम पुलकित गर्ग के निर्देशन में अपर जिला अधिकारी न्यायिक अरुण कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के चकबन्दी प्रक्रियाधीन ग्रामों की समीक्षा की गई। जिसमें चकबन्दी निदेशालय से निर्गत 1 से 9 प्रारूपों पर प्रगति समीक्षा हुई। समीक्षा बैठक में बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 7 (भूचित्र पुनरीक्षण) के अंतर्गत 5 ग्रामों में से 3 ग्रामों में कार्य किया जा रहा है। ग्राम औदहा व दरसेड़ा में जन विरोध के कारण अभी तक कार्य प्रारंग्भ नहीं हो सका।
इसी प्रकार जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 8 (पड़ताल के स्तर) पर 2 ग्रामों में पडताल का कार्य चल रहा है। जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत कुल 9 ग्राम हैं। जिनमें से 4 ग्रामों में सहायक चकबन्दी अधिकारीगण द्वारा विनिमय अनुपात का निर्धारण किया जा रहा है। ग्राम गढ़वारा में जनविरोध के कारण कार्य बाधित है। जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 20 के अन्तर्गत 8 ग्रामों में से 5 ग्रामों में चक सूजन का कार्य प्रारम्न है। 3 ग्रामों में जनविरोध के कारण कार्य बाधित है। जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 24 के अन्तर्गत ग्राम डुडौली, तेरा बुजुर्ग व सिकरी सालिस का माह अप्रैल से जुलाई तक चक सीमांकन कराया जाना प्रस्तावित है। जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा 52 में लक्षित ग्राम खरौंध ऐचवारा, मिर्जापुर, डुडौली तथा महरुछ में अंतिम अभिलेखों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी द्वारा संबंधित चकबन्दी अधिकारी, सहायक चकबन्दी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विभिन्न धाराओं में लक्षित ग्रामों का कार्य ससमय पूर्ण कराया जाये। चकबन्दी न्यायालयों में विचाराधीन मुकदमों की समीक्षा में पाया गया कि जनपद में 5 वर्ष से अधिक अवधि के मुकदमें विचाराधीन नहीं है। समीक्षा बैठक में बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी मनोहर लाल वर्धन, चकबंदी अधिकारी संजय शुक्ला, शरद चंद्र यादव, धीरेन्द्र शुक्ला, शैलेन्द्र द्विवेदी तथा समस्त सहायक चकबन्दी अधिकारी, चकबंदीकर्ता व चकबंदी लेखपाल उपस्थित रहे।
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