राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड:
पूर्व मंत्री अमरमणि पर गहराया कानून का शिकंजा
विशेष न्यायालय में अब 17 को होगी अगली सुनवाई
बस्ती 7 जनवरी (आरएनएस)। ढाई दशक पुराने और प्रदेश के बहुचर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में कानूनी प्रक्रिया ने अब गति पकड़ ली है। बस्ती की विशेष अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) में बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए इस मामले के महत्वपूर्ण गवाह और तत्कालीन एसटीएफ के रिटायर्ड पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप कुमार मिश्र के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से उनसे लंबी जिरह भी की गई। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी आरोपितों में शामिल हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी। स्वास्थ्य कारणों या सुरक्षा के मद्देनजर, एसटीएफ के सेवानिवृत्त अधिकारी ने वीसी के माध्यम से कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लिया। उन्होंने उस समय के घटनाक्रम और राहुल मद्धेशिया की बरामदगी से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा। बताया कि वह एसटीएफ लखनऊ में सीओ के पद पर तैनात थे, उन्हें 11 दिसंबर 2001 को सूचना मिली कुछ बदमाशों के द्वारा बस्ती से राहुल मद्धेशिया का छह दिसंबर 2001 को अपहरण कर लिया गया है। उसी की तलाश में वह लगे थे। अभियोजन पक्ष ने दावा किया है कि रिटायर्ड सीओ के बयान इस मामले में अमरमणि त्रिपाठी की संलिप्तता को साबित करने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने गवाह से तीखे सवाल पूछे और उनके दावों को चुनौती दी। बता दें कि पिछले कुछ समय से एमपी-एलए कोर्ट ने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अमरमणि त्रिपाठी की पेशी और गवाहों के बयानों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गवाही की यही रफ्तार रही, तो जल्द ही इस बहुचर्चित कांड में फैसला आ सकता है।
62 तारीखों के बाद गवाही की दहलीज पर मामला
न्यायिक इतिहास में इस मामले को लेकर लंबी प्रतीक्षा देखी गई है। अदालत के रिकार्ड के अनुसार, अब तक विशेष अदालत में 62 बार सुनवाई की तारीखें पड़ चुकी हैं, लेकिन विभिन्न कानूनी अड़चनों और आरोपितों, गवाहों की अनुपस्थिति के कारण मामला खिंचता रहा। हाल ही में कोर्ट के कड़े रुख के बाद गवाहों की उपस्थिति और बयान की प्रक्रिया में तेजी आई है।
यह है राहुल अपहरण का पूरा मामला
यह मामला छह दिसंबर 2001 का है, जब बस्ती के चर्चित कारोबारी धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र राहुल मद्धेशिया का बस्ती शहर में स्कल जाते समय कार सवार बदमाशों ने फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया था। तत्कालीन एसटीएफ की टीम ने लखनऊ स्थित अमरमणि त्रिपाठी के आवास से राहुल मद्धेशिया को सकुशल बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में पुलिस ने अमरमणि त्रिपाठी समेत कई लोगों को आरोपित बनाया था। लंबे समय तक जमानत और अन्य कानूनी दांव-पेंचों के कारण यह केस लंबित रहा है।
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