बिलासपुरा 8 जनवरी 2026(आरएनएस) छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सा संस्थान सिम्स हॉस्पिटल के सामने इन दिनों अराजक हालात देखने को मिल रहे हैं। अस्पताल के मुख्य मार्ग पर ठेलेवालों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। सड़क किनारे फल, चाय नाश्ता और अन्य सामान के ठेले लगने से सड़क बेहद संकरी हो गई है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौके से सामने अई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सड़क के एक बड़े हिस्से पर ठेले कतारबद्ध तरीके से लगे हुए हैं। ठेलेवालों द्वारा ग्राहकों के बैठने के लिए स्टाल और कुर्सियां भी सड़क पर रख दी गई हैं, जिससे यातायात लगभग बाधित हो जाता है। स्थिति यह है कि पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से एम्बुलेंस, गंभीर मरीज और आपातकालीन सेवाएं गुजरती हैं। कई बार एम्बुलेंस को रास्ता मिलने में देरी होती है, जो मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकता है। अस्पताल आने वाले बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर मरीज इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि सिम्स जैसे बड़े हास्पिटल के सामने इस तरह का अतिक्रमण प्रशासनिक गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और यातायात विभाग में शिकायत करने के बावजूद स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। कभीकभार औपचारिक कार्रवाई हो लेकिन कुछ ही समय में ठेले फिर से लग जाते हैं। अतिक्रमण के कारण यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है सुबह शाम के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब सड़क पर अस्तव्यस्त ठेले और वाहनों की भीड़ जाम साबित हो सकती है। अब सवाल यह है कि नगर यातायात पुलिस और जिला प्रशासन कब जागेगा? क्या किसी दुर्घटना या अप्रिय घटना के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे? प्रशासन को क्या किसी आपरी घटना का इंतजार है।
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