कुशीनगर, 08 जनवरी (आरएनएस)। जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित स्वच्छता अभियानों, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। कूड़ा निस्तारण, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, रखरखाव तथा उनकी नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जन आंदोलन है। जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा किया कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत को “आदर्श स्वच्छ ग्राम” के रूप में विकसित करने हेतु निरंतर प्रयास करें। बैठक में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण एवं सत्यापन, सामुदायिक शौचालयों की प्रगति, रेट्रोफिटिंग कार्य, न्यूनतम व्यय करने वाली 10 ग्राम पंचायतों की समीक्षा, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी के कार्य, जन योजना अभियान सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सचिवों एवं ग्राम प्रधानों से प्रगति के संबंध में पूछताछ कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।साप्ताहिक समीक्षा बैठक के अंतर्गत जिला स्वच्छता समिति, दिव्यांगता समिति तथा अन्नपूर्णा भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विकास खण्ड विशुनपुरा अंतर्गत सिंघा पट्टी में खेल मैदान, कॉम्प्लेक्स निर्माण तथा मेले के दौरान भीड़ को देखते हुए शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को क्षेत्र पंचायत की योजनाओं में शामिल कर उन्हें शीघ्र मूर्त रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बांसी एवं हिरण्यवती नदी के लिए 10-10 लाख रुपये की व्यवस्था उनके स्तर से किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने मुसहर समाज के लिए 100 आवासों की कॉलोनी निर्माण के संबंध में खण्ड विकास अधिकारी पडरौना से विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशित किया कि लगभग एक हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर उसका ले-आउट तैयार कराया जाए। प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पार्क, विद्युत कनेक्टिविटी सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा प्रत्येक आवास के पीछे खाली स्थान रखा जाएगा। ताकि सहभागिता योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार एक गाय रख सके। बैठक में पंचायत सहायकों के लंबित मानदेय भुगतान पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि 22 जनवरी तक किसी भी विकास खण्ड में पंचायत सहायकों का भुगतान लंबित पाया गया, तो संबंधित खण्ड विकास अधिकारी का वेतन रोक दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, परियोजना निदेशक पियूष, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, उप कृषि निदेशक सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी सभी खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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