लखनऊ 8 जनवरी (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने भाकपा माले लिबरेशन के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव कामरेड सुधाकर यादव और मिर्जापुर की जिला सचिव कामरेड जीरा भारती की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और वन विभाग चार पीढिय़ों से बसे गरीब आदिवासी परिवारों को जबरन बेदखल करने की कार्रवाई कर रहे हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाकर उत्पीडि़त किया जा रहा है। विरोध करने पर नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं लगाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।श्याम लाल पाल ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गाड़ी में बूट से मारपीट और जेल के भीतर भी उत्पीडऩ की खबरें अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय हैं। गांव के गरीबों के घरों और खेतों पर बुलडोजर चलाना तथा आंदोलन का नेतृत्व करने वालों को निशाना बनाना सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और आदिवासियों को डराने के लिए प्रशासनिक ताकत का खुला इस्तेमाल किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मिर्जापुर जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र के तेंदुआ खुर्द गांव में वन विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से आदिवासी परिवारों को बेदखल करने के लिए रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनें लगाई गईं। लहलहाती फसलों को रौंद दिया गया और महिलाओं व लड़कियों के साथ अभद्रता की गई। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह पूरी कार्रवाई हो रही थी, उस समय कामरेड सुधाकर यादव और जीरा भारती मौके पर मौजूद भी नहीं थे, इसके बावजूद उनके खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगा दी गईं।श्याम लाल पाल ने कहा कि इस मामले में पांच गांव वालों सहित कुल सात लोग जेल में बंद हैं और यह पूरी कार्रवाई भाजपा सरकार की विपक्ष के प्रति प्रतिशोध की राजनीति को उजागर करती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि जो सरकार गरीबों, आदिवासियों और उनके हक की आवाज उठाने वालों को इस तरह कुचलना चाहती है, वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम कर रही है। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी और आदिवासियों व उत्पीडि़तों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रखेगी।
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