लखनऊ 8 जनवरी (आरएनएस )। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा हालात पर तीखा हमला बोलते हुए घोषणा की है कि बेरोजग़ारी, सामाजिक भेदभाव, पेपर लीक, महंगाई, वोट चोरी और लोकतंत्र पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ आम आदमी पार्टी 16 जनवरी से 22 जनवरी तक रोजग़ार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा निकालेगी। यह पदयात्रा पार्टी की तीसरे चरण की यात्रा होगी, जो मिजऱ्ापुर के शहीद उद्यान से शुरू होकर वाराणसी के सारनाथ तक जाएगी। करीब 100 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के जरिए आम आदमी पार्टी प्रदेश की जनता से सीधे संवाद कर उनके मुद्दों को सड़क पर उठाएगी।संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को जानबूझकर हिंदू–मुसलमान, दलित–सवर्ण, अगड़ा–पिछड़ा में बांटकर नफऱत की राजनीति में झोंक दिया गया है, ताकि जनता अपनी असली समस्याओं पर सवाल न पूछ सके। उन्होंने कहा कि रोजग़ार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, बुनकर, रेहड़ी–पटरी वाले और नौजवान जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज को आपस में लड़ाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि क्या फर्क पड़ता है जैसी सोच को छोड़ें और इस पदयात्रा से जुड़कर अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करें।संजय सिंह ने कहा कि आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि करोड़ों युवाओं के पास काम नहीं है। किसान खाद की एक बोरी और अपनी फसल के सही दाम के लिए लाइन में खड़ा होकर मर रहा है। नौजवान जब नौकरी मांगने जाता है तो उसे लाठियां मिलती हैं। स्कूल बंद हो रहे हैं, अस्पतालों में मोमबत्ती की रोशनी में ऑपरेशन हो रहे हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोग दावा कर रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को कजऱ् में डुबो दिया गया है, बेरोजग़ारी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है, फिर भी जनता को व्हाट्सएप के ज़रिये यह समझाया जा रहा है कि भारत महान बन रहा है और सवाल पूछना गुनाह है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजऱ की राजनीति ने सबसे ज़्यादा गरीबों को कुचला है। बुनकर बेरोजग़ार हो गए हैं, रेहड़ी–पटरी वालों की दुकानों पर बुलडोजऱ चला दिया गया, लेकिन किसी को यह सोचने की फुर्सत नहीं कि उनके परिवार कैसे जिएंगे। जो भी सरकार से सवाल पूछता है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है और फर्जी एनकाउंटर तक की घटनाएं सामने आ रही हैं। संजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को डराने और धमकाने की राजनीति चल रही है और समाज को इस कदर सुन्न कर दिया गया है कि उसे इन सब बातों से फर्क ही नहीं पड़ता।उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि समाज में दिक्कतें हैं या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि इन दिक्कतों के खिलाफ हमें दिक्कत क्यों नहीं हो रही। उन्होंने आज़ादी के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और अन्य क्रांतिकारियों ने यह सोच लिया होता कि “क्या फर्क पड़ता है”, तो देश कभी आज़ाद नहीं होता। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान दिया, आपातकाल के समय लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोगों ने जेलें भरीं और लाठियां खाईं, क्योंकि वे सिर झुकाकर नहीं जीना चाहते थे और लोकतंत्र व अधिकारों को बचाना चाहते थे।संजय सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में नौजवान सबसे ज़्यादा पीडि़त है। चपरासी से लेकर लेखपाल, सिपाही, दरोगा और पीसीएस तक की परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं। शिक्षक भर्ती में घोटाले सामने आ रहे हैं। पिछड़े वर्ग और दलितों का आरक्षण छीना जा रहा है। सामाजिक भेदभाव की हालत यह है कि मंदिर की सीढिय़ों पर बुजुर्गों का अपमान किया जा रहा है, कथावाचकों की छुट्टियां कटवा दी जाती हैं और दलित होने के कारण सीआरपीएफ के जवान को घोड़े पर चढऩे नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ बेरोजग़ारी की नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक न्याय की भी है।उन्होंने बताया कि इसी लड़ाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने यह पदयात्रा शुरू करने का फैसला किया है। इससे पहले दो चरणों की पदयात्राएं हो चुकी हैं, पहली सरयू से संगम तक और दूसरी रामपुर से अमरोहा तक, जिन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला। तीसरे चरण की यह यात्रा मिजऱ्ापुर से सारनाथ तक जाएगी, जिसमें रोजग़ार, सामाजिक न्याय, महंगाई, वोट चोरी और जनता से जुड़े तमाम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।संजय सिंह ने प्रदेश की जनता से अपील की कि इस पदयात्रा से जुडऩे के लिए 75000 40004 नंबर पर एक मिस्ड कॉल दें। पार्टी कार्यालय की ओर से उनसे संपर्क किया जाएगा और वे इस आंदोलन का हिस्सा बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति तन, मन, धन, सोशल मीडिया के ज़रिये, चार लाइन लिखकर, वीडियो बनाकर या दस लोगों तक संदेश पहुंचाकर भी समर्थन करता है, तो यह लड़ाई और मज़बूत होगी।अपने बयान के अंत में संजय सिंह ने कहा कि उन्हें फर्क पड़ता है और तकलीफ़ होती है, इसी वजह से वह अपने साथियों के साथ सड़क पर उतरे हैं। अब फैसला प्रदेश की जनता को करना है कि वह क्या फर्क पड़ता है की सोच में फंसी रहेगी या फिर अपने हक़, अपने बच्चों के भविष्य और उत्तर प्रदेश के सम्मान के लिए खड़ी होगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि नफऱत की राजनीति से निकलकर रोजग़ार और सामाजिक न्याय की राह पर चलने के लिए आम आदमी पार्टी की इस पदयात्रा का हिस्सा बनें।
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