-विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले का लिया संज्ञान, आरोपी प्रभारी सुरक्षा अधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण
-विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण ने पत्र के माध्यम से पूंछा वेतन आहारित न किए जाने का कारण
मिल्कीपुर-अयोध्या 8 जनवरी (आरएनएस)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में वेतन न मिलने से परेशान एक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या करने की धमकी दिए जाने के मामले में तूल पकड़ लिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कर्मचारी सतीश कुमार का आरोप है कि उसे अक्टूबर 2025 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उसने विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा अनुभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. विनोद कुमार सिंह को किसी भी अप्रिय घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सतीश कुमार के अनुसार, उसका वेतन सुरक्षा अनुभाग कार्यालय से जारी होता रहा है, लेकिन डॉ विनोद कुमार सिंह कथित तौर पर बिना किसी ठोस कारण के उसका वेतन रोक रहे हैं। सतीश कुमार निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण के आदेश संख्या 3283 दिनांक 02.02.2023 के तहत बायोटेक्नोलॉजी विभाग और वाहन अनुभाग का अतिरिक्त दायित्व संभाल रहे हैं। वह इन कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण सतीश कुमार को गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वह अपने ऋण की किस्तें चुकाने में असमर्थ है और अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां का स्वास्थ्य खराब रहता है और आर्थिक तंगी के कारण वह उनका इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। कर्मचारी ने विश्वविद्यालय के कुलपति को संबोधित एक पत्र में कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उसका वेतन जारी नहीं किया गया, तो वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा। उसने कुलपति से प्राथमिकता के आधार पर अक्टूबर 2025 से लंबित वेतन जारी करने का अनुरोध किया है। शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण सुशांत श्रीवास्तव ने प्रभारी सुरक्षा अधिकारी डॉ विनोद कुमार सिंह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। नोटिस में पूछा गया है कि सतीश कुमार का वेतन किन परिस्थितियों में रोका गया है। यह कार्रवाई सतीश कुमार के तीन जनवरी को कुलपति को संबोधित पत्र के आधार पर की गई है, जिसमें उन्होंने वेतन रोके जाने की जानकारी दी थी।
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