-कहा- रामलला के दर्शन का संकल्प हुआ पूर्ण
अयोध्या 8 जनवरी (आरएनएस)। नई सोच नई शक्ति फाउंडेशन, जयपुर की चेयरमैन एवं प्रख्यात ट्रांस राइट्स एक्टिविस्ट रोज़ी बारोलिया शुक्रवार को अयोध्या पहुँचीं। इस दौरान वह शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी के आवास पर रुकीं, जहाँ उन्होंने पत्रकारों से वार्ता की। रोज़ी बारोलिया ने कहा कि उनका संकल्प था कि जब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा, तब वे अयोध्या आकर दर्शन करेंगी। आज वह संकल्प पूरा हुआ है और रामलला के दर्शन कर उन्हें आत्मिक शांति व ऊर्जा मिली है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और समानता का भी प्रतीक है। यहां आकर उन्हें सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच की अनुभूति हुई है। उन्होंने अपने मित्र सत्यभान सिंह जनवादी के सहयोग और स्नेह के लिए भी आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा कि रोज़ी बारोलिया ने जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में इतिहास रच दिया है। वह राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर महिला हैं जिन्होंने अपनी वास्तविक पहचान ‘थर्ड जेंडरÓ के साथ पासपोर्ट प्राप्त किया है। यह उपलब्धि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि और प्रेरणा का स्रोत है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि जयपुर निवासी रोज़ी बारोलिया पेशे से मेकअप आर्टिस्ट होने के साथ-साथ एक सक्रिय ट्रांस राइट्स एक्टिविस्ट भी हैं। उन्होंने अपनी पहचान और अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया है। आज वे न केवल अपने कार्यक्षेत्र में सफल हैं, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। रोज़ी बारोलिया ने बताया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ‘थर्ड जेंडरÓ पहचान के साथ सरकारी दस्तावेज़ बनवाना अत्यंत आवश्यक था। इसी दिशा में पहल करते हुए उन्होंने अपने पासपोर्ट में अपनी वास्तविक पहचान दर्ज कराई। इससे यह संदेश गया है कि सही पहचान और सम्मान के साथ अधिकार प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्हें प्रवासी संघ (राजस्थान) के ट्रांसजेंडर प्रकोष्ठ का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस जिम्मेदारी के माध्यम से वह समुदाय के सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए और अधिक सशक्त भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि पहचान और समान अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, और आत्मविश्वास व दृढ़ संकल्प से समाज की सोच बदली जा सकती है।
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