लखनऊ 8 जनवरी (आरएनएस) । विज्ञान फाउंडेशन ने एम्पावर-द इमर्जिंग मार्केट्स फाउंडेशन के सहयोग से परिवर्तन परियोजना के तहत जानकीपुरम और मडिय़ांव क्षेत्र की 18 से 25 वर्ष की किशोरियों और युवतियों का मुख्यालय यूपी 112 में विशेष भ्रमण कराया। इस भ्रमण का उद्देश्य किशोरियों को मुख्यालय के कार्य, सुरक्षा से जुड़े नियम और कानून, तथा रोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसरों के बारे में जानकारी देना था।इस अवसर पर डीजी पुलिस श्रीमती नीरा रावत ने किशोरियों से सीधे संवाद किया और उनके उठ रहे सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए। उन्होंने किशोरियों को प्रोत्साहित किया कि वे आगे बढ़कर नौकरी करें या स्वयं का व्यवसाय शुरू करें, साथ ही यह भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी 112 पर है और पुलिस 24 घंटे तत्पर है।मुख्यालय यूपी 112 के डीआईजी पुलिस श्री शाहाब रशीद खान ने बताया कि यहां केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया कि महिला की आवाज़ पीडि़तों के लिए सहानुभूति और समानुभूति उत्पन्न करती है, जो पुरुष की आवाज़ से संभव नहीं है।अपर पुलिस अधीक्षक, आपरेशन श्री निवेश कटियार ने किशोरियों को कैड एप्लीकेशन के इस्तेमाल और इसकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से जानकारी दी। परिवर्तन कार्यक्रम की परियोजना समन्वयक सुश्री सुकृति मिश्रा ने बताया कि संस्था पिछले 37 वर्षों से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में शहरी गरीबों के अधिकारों के लिए कार्यरत है। इस कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों को रोजगार और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।भ्रमण का समापन प्रज्ञा कक्ष में प्रेजेंटेशन के माध्यम से किया गया, जहां किशोरियों को मुख्यालय यूपी 112 की कार्यप्रणाली, हेल्पलाइन सेवाओं और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस विशेष भ्रमण में जानकीपुरम और मडिय़ांव क्षेत्र की कुल 30 किशोरियों/युवतियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।यह पहल किशोरियों को सुरक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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