कोलकाता 8 जनवरी (आरएनएस)। कोयला घोटाले की जांच के मामले में तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सहित बंगाल में छह जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी भूचाल खड़ा हो गया है। वहीं इसको लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि आईटी सेल के कार्यालय से मतदाताओं के आंकड़े और चुनाव की रणनीति व आंकड़ों की डकैती की गई है। मुख्यमंत्री के द्वारा विरोध का स्वर बुलंद करते ही तृणमूलियों के द्वारा आज चार बजे से राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। वहीं घटना को लेकर गुस्से में तमतमाईं सीएम ममता बनर्जी ने उक्त कार्रवाई को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भाजपा की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्या ईडी और अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची जब्त करना है? यह एक घटिया और शरारती गृह मंत्री है, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। मेरी पार्टी के सभी दस्तावेज उठाकर ले गए हैं। एक तरफ वे पश्चिम बंगाल में एसआईआर के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने का काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। ममता बनर्जी ने कहा, भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी है। तृणमूल प्रमुख ने कहा कि, मुझे माफ करें प्रधानमंत्री जी, कृपया अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करें। अगर आप (भाजपा) हमसे लड़ नहीं सकते, तो आप बंगाल क्यों आ रहे हैं? हमें लोकतांत्रिक तरीके से हराइए। आप हमारी एजेंसियों का इस्तेमाल हमारे कागजात, हमारी रणनीति, हमारे वोटर्स, हमारे डेटा, हमारे बंगाल को लूटने के लिए कर रहे हैं। यह सब करके, आपको जितनी सीटें मिल रही थीं, वे घटकर जीरो हो जाएंगी।” सीएम ने कहा कि क्या ईडी और अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची जब्त करना है? यह एक घटिया और शरारती गृह मंत्री है, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। मेरी पार्टी के सभी दस्तावेज उठाकर ले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से डेढ़ करोड़ से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमत्र्य सेन, कवि जय गोस्वामी और अभिनेता देव को भी नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं और युवाओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि एक हत्यारे को भी अपनी बात रखने का मौका मिलता है, लेकिन असली मतदाता को नहीं। उन्होंने खास तौर पर उन महिलाओं का जिक्र किया जिनकी हाल ही में शादी हुई है और जिनके उपनाम बदल गए हैं या जिनका पता बदला है, उनके नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।


















