बिलासपुर 15 जनवरी 2026(आरएनएस) अखिल वैश्विक क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी एवं मिष्ठान व कंबल का वितरण किया गया। उक्त कार्यक्रम स्थानीय राजकिशोर नगर चौक के समीप चुन्नी सिंह तालाब परिसर मेन रोड में किया गया।कार्यक्रम का दोपहर 100 बजे से प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम में सबसे पहले अखिल वैश्विक क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश सिंह बैस द्वारा चुन्नी सिंह तालाब परिसर में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना के बाद भगवान को भोग प्रसाद अर्पित किया गया। इसके पश्चात वृद्धजनों को संगठन के सदस्यों द्वारा कंबल का वितरण किया गया एवं इसके पश्चात प्रसाद स्वरूप सभी आने जाने वाले लोगों को खिचड़ी व तिल्ली के लड्डू का वितरण किया गया।अखिल वैश्विक क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश सिंह बैस ने इस अवसर पर अपनी संबोधन में कहा कि आज हम सभी यहाँ भारत की महान सांस्कृतिक विरासत के एक अत्यंत पावन पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह पर्व केवल एक तिथि या उत्सव नहीं है, बल्कि यह संक्रमण, सकारात्मकता और नवचेतना का प्रतीक है।मकर संक्रांति वह पावन समय है जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर, और जड़ता से कर्मशीलता की ओर अग्रसर होते हैं। हमारे शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है। यह समय आत्मिक उन्नति, साधना और समाज सेवा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।यह पर्व हमें अनुशासन, परिश्रम और संतुलन का संदेश देता है। किसान भाईयों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह नई फसल के आगमन का संकेत देता है। तिल, गुड़ और खिचड़ी जैसे प्रसाद हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में मिठास, एकता और सरलता बनाए रखना कितना आवश्यक है।मकर संक्रांति भारत की एकता में विविधता की अनुपम मिसाल भी है। कहीं यह मकर संक्रांति है, तो कहीं पोंगल, उत्तर भारत में खिचड़ी, गुजरात में पतंगोत्सव-पर भाव एक ही है; नवजीवन और उत्साह।इस अवसर पर अखिल वैश्विक क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष ज्ञानेश्वर सिंह सहित सुनीता सिंह,शकुन सिंह ,राजेश सिंह ,राजेंद्र सिंह चौहान, पूजा सिंह, मीरा सिंह, सोना सिंह आदि उपस्थित थे।


