कार्यक्रम के ज़रिए भारतीय स्कूलों में नवाचार को मज़बूती देने के लिए राष्ट्रीय मंच, वैश्विक मेंटरशिप और अंतरराष्ट्रीय सीख के अवसर
नई दिल्ली/बेंगलुरु , 15 जनवरी (आरएनएस)। YuviPep ने नेक्स्ट-जेन फाउंडर्स ग्रैंड फिनाले के अवसर पर बेंगलुरु और देश के कई अन्य राज्यों के स्कूल छात्रों को एक साथ मंच प्रदान किया। यह आयोजन युवा नवाचारकर्ताओं के लिए एक अहम पड़ाव साबित हुआ और कार्यक्रम की बढ़ती राष्ट्रीय पहुँच को भी दर्शाता है। फिनाले के दौरान छात्रों को इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला, जहाँ उनके विचारों का मूल्यांकन निष्पादन क्षमता, स्पष्टता और वास्तविक दुनिया की प्रासंगिकता के आधार पर किया गया। करीब 100 छात्रों ने 50 टीमों के रूप में सतत विकास, स्वास्थ्य, शहरी जीवन, शिक्षा और सामाजिक प्रभाव जैसे व्यावहारिक विषयों पर अपने समाधान प्रस्तुत किए। कर्नाटक के बाहर के कई राज्यों से छात्रों की भागीदारी ने यह दिखाया कि यह कार्यक्रम अब देशभर में अपनी मज़बूत उपस्थिति बना रहा है। युवीपेप के मेंटर्स ने हर टीम को तैयारी से लेकर प्रस्तुति तक लगातार मार्गदर्शन दिया, जिसके परिणामस्वरूप ग्रैंड फिनाले सुचारू रूप से संपन्न हुआ और किसी भी टीम को तकनीकी या निष्पादन से जुड़ी बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ा। जूरी में भारत के अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित नाम शामिल थे—पद्म श्री सम्मानित और क्रायोजेनिक रॉकेटरी विशेषज्ञ वी. ज्ञान गांधी, इसरो के पूर्व निदेशक (कार्यक्रम नियोजन) आर. एस. भाटिया, इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एवं पावर सिस्टम्स डिवीजन प्रमुख श्रीनिवास प्रसाद के, इसरो सैटेलाइट सेंटर के पूर्व ग्रुप डायरेक्टर एम. एस. श्रीनिवासन, टेलावर्ज कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (इंजीनियरिंग) अमित जैन, और वैश्विक वेंचर व इनोवेशन सलाहकार रमेश वी. राम। इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और संरचित मेंटरशिप प्रणाली से स्कूल छात्रों को जोड़कर युवीपेप भारत भर के युवा शिक्षार्थियों में व्यावहारिक नवाचार क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।


















