आजमगढ़ 15 जनवरी(आर एन एस)वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक- 14.01.2026 को आजमगढ़ पुलिस द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर ठगी गिरोह का सफल अनावरण किया गया है। कार्यवाही के दौरान 02 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, ्रञ्जरू कार्ड, विदेशी सिम कार्ड , बैंक दस्तावेज, मोहर एवं एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है।
दिनांक 18.09.2025 को वादी भूपेन्द्रनाथ यादव पुत्र स्व. भूल्लन प्रसाद यादव निवासी ग्राम गांगेपुर, थाना रौनापार, जनपद आजमगढ़ द्वारा थाना साइबर क्राइम पर लिखित तहरीर दी गई कि उनके पुत्र आर्यन यादव के मोबाइल नम्बर को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ बताया गया कि वे “ङ्खह्रह्रष्टह्ररूरूश्वक्रष्टश्व” नामक कम्पनी के लिए कार्य करते हैं। उक्त कम्पनी की वेबसाइट “ङ्खह्रह्र्रञ्जह्ररू्रञ्जञ्जढ्ढष्ट.ष्टह्ररू” पर प्रोडक्ट की सेल व मार्केट वैल्यू बढ़ाने हेतु प्रोडक्ट को “बूस्ट” करने के नाम पर कार्य कराया जाता है। अभियुक्तों द्वारा वादी के पुत्र को अधिक लाभ का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में कुल ?12,64,249/- (बारह लाख चौंसठ हजार दो सौ उन्चास रुपये) जमा कराकर ठगी कर ली गई।
इस सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़ पर मु0अ0सं0- 28/25 धारा 318(4), 319(2), 317 क्चहृस् व 66ष्ट, 66ष्ठ ढ्ढञ्ज ्रष्ह्ल पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गई।
दिनांक- 27.10.2025 को थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित विवेचना व साइबर ठगी के मुकदमें का सफल अनावरण करते हुए संलिप्त गिरोह के अन्तर्राज्यीय 04 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसके क्रम में-
दिनांक- 14.01.2026 को थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित विवेचना व साइबर ठगी के मुकदमें का सफल अनावरण करते हुए संलिप्त गिरोह के अन्तर्राष्ट्रीय 02 शातिर साइबर अपराधियों को गोडम्बा (लखनऊ) से समय करीब 22.15 बजे पुलिस हिरासत में लिया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्त टेलीग्राम आईडी रुश्वश्व ष्टह्रह्रक्कश्वक्र, स्ढ्ढरूक्च्र (्र ङ्ख्रञ्जस्ह्रहृ) व हृशड्ढद्बह्लड्ड के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर कार्य कर रहे थे।
ठगी की धनराशि भारतीय बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी
्रञ्जरू व चेक के माध्यम से नकद निकासी की जाती थी
निकाली गई राशि को स्ष्ठञ्ज (क्रिप्टो करेंसी) में परिवर्तित कर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था
अभियुक्त अभिषेक गुप्ता द्वारा अब तक लगभग कुल 10–15 करोड़ रुपये की धनराशि को स्ष्ठञ्ज (क्रिप्टो करेंसी) में परिवर्तित कर चीनी हैंडलरों को भेजा जा चुका है।
खाताधारकों को कमीशन देकर उनके खातों का दुरुपयोग किया जाता था
अभियुक्तों को प्रतिशत के आधार पर कमीशन प्राप्त होता था यह एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क है।
अपनी पहचान छिपाने के लिए अभियुक्त वर्चुअल नंबर, फर्जी सिम टेलीग्राम ग्रुप का प्रयोग करते थे।
तकनीकी विश्लेषण, ढ्ढक्क एड्रेस ट्रैकिंग, डिजिटल साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर लेखराज मार्केट व जानकीपुरम क्षेत्र में दबिश देकर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। बरामद समस्त सामग्री को विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत सील कर कब्जे में लिया गया है। वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत सीज किया गया है।
आजमगढ़ पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात लिंक, ्रक्क्य फाइल, टेलीग्राम/व्हाट्सएप पर प्राप्त लालचपूर्ण प्रस्तावों से सावधान रहें। साइबर अपराध की सूचना तत्काल 1930 या नजदीकी थाना / साइबर क्राइम थाना को दें। आम जनता से अपील है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में इस्तेमाल न करने दें।
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