बिलासपुर 16 जनवरी 2026(आरएनएस) यात्रियों का सफर अब बिलासपुर- रीवां एक्स्प्रेस में पहले से ज्यादा आरामदायक हो गया है। इस ट्रेन से पारंपरिक आसीएफ कोच हटाकर उसकी जगह पर एचएचबी कोच (लिंक हाफमैन बुश) जोड़ दिया गया है। गुरुवार को यह ट्रेन एचएचबी कोच से रवाना हुई। यह आधुनिक कोच है और पारंपरिक आइसीएफ कोच की तुलना में हल्के होते हैं। इसके अलावा कोच में जगह भी बड़ी होती है, जिससे यात्रियों को कोच में चलते समय किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।जोन ट्रेनों में रेलवे धीरे-धीरे पुराने पारंपरिक आइसीएफ कोच को हटाकर ट्रेनों को एलएचबी कोच से चला रही है। आधे से ज्यादा ट्रेनें अब एलएचबी कोच साथ चल रहीं है। कुछ ट्रेनें ही इस सुविधा से बची है, जिन्हें में अब एलएचबी कोच करने का प्रयास किया जा रहा है। इंसी के तहत हीएक्सप्रेस में सुरक्षित, आरामदायक एवं आधुनिक कोच की सुविधा दी गई है। गुरुवार से बिलासपुर से रीवा के लिए इसी कोच के साथ ट्रेन रवाना हुई। वहीं 16 जनवरी से रीवा से यह सुविधा मिलेगी। एलएचबी कोचों के समावेश से यात्रियों को जहां यात्रा के दौरान बेहतर सुरक्षा एवं आराम का अनुभव होगा, वहीं सीटों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इस बदलाव से 109 अतिरिक्त बर्थ की सुविधा उपलब्ध गई है। एलएचबी कोच की प्रमुख विशेषताओं पर बात करें तो यह उच्च गति क्षमता वाले होते हैं। यह 160 से हो 200 किमी प्रति घंटे तक चलने की क्षमता रखती है।
18247/18248 बिलासपुर-रीवा एक्स्प्रेस में जानिए किस कोच में कितनी बर्थ बढ़ गई
0 एसी- 3- 16 बर्थ
0 जनरल (सामान्य) – 45 सीटें
0 स्लीपर – 48 बर्थ

